27 नवंबर 2026 को ऋषिकेश का चौघड़िया

शुक्रवार, 27 नवंबर 2026, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 27 नवंबर 2026 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (09:49 तक), नक्षत्र आर्द्रा (15:08 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:51 पर और सूर्यास्त 17:16 पर है। राहुकाल 10:46 से 12:04 तक है।

दिन और रात
दिन 06:51 – 17:16
रात 06:52 तक
तिथि
तृतीया, 09:49 तक
चतुर्थी, 06:40 तक
नक्षत्र
आर्द्रा, 15:08 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:51 – 08:09सामान्य
लाभ08:09 – 09:28शुभ
अमृत09:28 – 10:46शुभ
काल10:46 – 12:04टालें
शुभ12:04 – 13:22शुभ
रोग13:22 – 14:40टालें
उद्वेग14:40 – 15:58टालें
चर15:58 – 17:16सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:16 – 18:58टालें
काल18:58 – 20:40टालें
लाभ20:40 – 22:22शुभ
उद्वेग22:22 – 00:04टालें
शुभ00:04 – 01:46शुभ
अमृत01:46 – 03:28शुभ
चर03:28 – 05:10सामान्य
रोग05:10 – 06:52टालें

27 नवंबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 09:49 तक
कृष्ण चतुर्थी 06:40, 28 नव॰ तक
कृष्ण पंचमी 03:57, 29 नव॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 12:50, 28 नव॰ तक
योग
शुभ 23:51 तक
शुक्ल 20:18, 28 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:49 तक
बव 20:11 तक
बालव 06:40, 28 नव॰ तक
कौलव 17:15, 28 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:51
सूर्यास्त
17:16
चंद्रोदय
20:04
चंद्रास्त
09:47
दिनमान
10h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:03 – 05:57
अभिजीत मुहूर्त
11:43 – 12:25

अशुभ समय

राहुकाल
10:46 – 12:04
यमगंड
14:40 – 15:58
गुलिक काल
08:09 – 09:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:5107:43दिन
बुध07:4308:35दिन
चंद्र08:3509:28दिन
शनि09:2810:20दिन
गुरु10:2011:12दिन
मंगल11:1212:04दिन
सूर्य12:0412:56दिन
शुक्र12:5613:48दिन
बुध13:4814:40दिन
चंद्र14:4015:32दिन
शनि15:3216:24दिन
गुरु16:2417:16दिन
मंगल17:1618:24रात
सूर्य18:2419:32रात
शुक्र19:3220:40रात
बुध20:4021:48रात
चंद्र21:4822:56रात
शनि22:5600:04रात
गुरु00:0401:12रात
मंगल01:1202:20रात
सूर्य02:2003:28रात
शुक्र03:2804:36रात
बुध04:3605:44रात
चंद्र05:4406:52रात

अयनांश 24.2329° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।