12 सितंबर 2027 को ऋषिकेश का चौघड़िया

रविवार, 12 सितंबर 2027, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 12 सितंबर 2027 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (22:13 तक), नक्षत्र श्रवण (06:05, 13 सित॰ तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 05:59 पर और सूर्यास्त 18:26 पर है। राहुकाल 16:53 से 18:26 तक है।

दिन और रात
दिन 05:59 – 18:26
रात 05:59 तक
तिथि
द्वादशी, 22:13 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
श्रवण
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:59 – 07:32टालें
चर07:32 – 09:06सामान्य
लाभ09:06 – 10:39शुभ
अमृत10:39 – 12:13शुभ
काल12:13 – 13:46टालें
शुभ13:46 – 15:19शुभ
रोग15:19 – 16:53टालें
उद्वेग16:53 – 18:26टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:26 – 19:53शुभ
अमृत19:53 – 21:19शुभ
चर21:19 – 22:46सामान्य
रोग22:46 – 00:13टालें
काल00:13 – 01:39टालें
लाभ01:39 – 03:06शुभ
उद्वेग03:06 – 04:33टालें
शुभ04:33 – 05:59शुभ

12 सितंबर 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 22:13 तक
शुक्ल त्रयोदशी 00:40, 14 सित॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 06:05, 13 सित॰ तक
योग
शोभन 06:43 तक
अतिगंडअशुभ 07:45, 13 सित॰ तक
करण
बव 08:55 तक
बालव 22:13 तक
कौलव 11:28, 13 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:59
सूर्यास्त
18:26
चंद्रोदय
16:27
चंद्रास्त
02:31
दिनमान
12h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:27 – 05:13
अभिजीत मुहूर्त
11:48 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
16:53 – 18:26
यमगंड
12:13 – 13:46
गुलिक काल
15:19 – 16:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:5907:01दिन
शुक्र07:0108:03दिन
बुध08:0309:06दिन
चंद्र09:0610:08दिन
शनि10:0811:10दिन
गुरु11:1012:13दिन
मंगल12:1313:15दिन
सूर्य13:1514:17दिन
शुक्र14:1715:19दिन
बुध15:1916:22दिन
चंद्र16:2217:24दिन
शनि17:2418:26दिन
गुरु18:2619:24रात
मंगल19:2420:22रात
सूर्य20:2221:19रात
शुक्र21:1922:17रात
बुध22:1723:15रात
चंद्र23:1500:13रात
शनि00:1301:11रात
गुरु01:1102:08रात
मंगल02:0803:06रात
सूर्य03:0604:04रात
शुक्र04:0405:02रात
बुध05:0205:59रात

अयनांश 24.2439° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।