3 जनवरी 2028 को ऋषिकेश का चौघड़िया

सोमवार, 3 जनवरी 2028, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 3 जनवरी 2028 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (16:12 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (22:15 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 07:13 पर और सूर्यास्त 17:28 पर है। राहुकाल 08:30 से 09:47 तक है।

दिन और रात
दिन 07:13 – 17:28
रात 07:13 तक
तिथि
षष्ठी, 16:12 तक
सप्तमी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 22:15 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:13 – 08:30शुभ
काल08:30 – 09:47टालें
शुभ09:47 – 11:04शुभ
रोग11:04 – 12:21टालें
उद्वेग12:21 – 13:38टालें
चर13:38 – 14:54सामान्य
लाभ14:54 – 16:11शुभ
अमृत16:11 – 17:28शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:28 – 19:11सामान्य
रोग19:11 – 20:55टालें
काल20:55 – 22:38टालें
लाभ22:38 – 00:21शुभ
उद्वेग00:21 – 02:04टालें
शुभ02:04 – 03:47शुभ
अमृत03:47 – 05:30शुभ
चर05:30 – 07:13सामान्य

3 जनवरी 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 16:12 तक
शुक्ल सप्तमी 18:20, 4 जन॰ तक
नक्षत्र
योग
व्यतीपातअशुभ 12:33 तक
वरीयान 13:07, 4 जन॰ तक
करण
तैतिल 16:12 तक
गर 05:20, 4 जन॰ तक
वणिज 18:20, 4 जन॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 15:34 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:13
सूर्यास्त
17:28
चंद्रोदय
10:50
चंद्रास्त
23:18
दिनमान
10h 16m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:23 – 06:18
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:41

अशुभ समय

राहुकाल
08:30 – 09:47
यमगंड
11:04 – 12:21
गुलिक काल
13:38 – 14:54

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:1308:04दिन
शनि08:0408:55दिन
गुरु08:5509:47दिन
मंगल09:4710:38दिन
सूर्य10:3811:29दिन
शुक्र11:2912:21दिन
बुध12:2113:12दिन
चंद्र13:1214:03दिन
शनि14:0314:54दिन
गुरु14:5415:46दिन
मंगल15:4616:37दिन
सूर्य16:3717:28दिन
शुक्र17:2818:37रात
बुध18:3719:46रात
चंद्र19:4620:55रात
शनि20:5522:03रात
गुरु22:0323:12रात
मंगल23:1200:21रात
सूर्य00:2101:29रात
शुक्र01:2902:38रात
बुध02:3803:47रात
चंद्र03:4704:56रात
शनि04:5606:04रात
गुरु06:0407:13रात

अयनांश 24.2483° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।