21 मार्च 2028 को ऋषिकेश का चौघड़िया

मंगलवार, 21 मार्च 2028, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 21 मार्च 2028 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (00:14, 22 मार्च तक), नक्षत्र श्रवण (08:12, 22 मार्च तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:19 पर और सूर्यास्त 18:28 पर है। राहुकाल 15:26 से 16:57 तक है।

दिन और रात
दिन 06:19 – 18:28
रात 06:18 तक
तिथि
एकादशी, 00:14 तक
द्वादशी
नक्षत्र
श्रवण
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:19 – 07:50टालें
उद्वेग07:50 – 09:21टालें
चर09:21 – 10:52सामान्य
लाभ10:52 – 12:24शुभ
अमृत12:24 – 13:55शुभ
काल13:55 – 15:26टालें
शुभ15:26 – 16:57शुभ
रोग16:57 – 18:28टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:28 – 19:57टालें
लाभ19:57 – 21:26शुभ
उद्वेग21:26 – 22:54टालें
शुभ22:54 – 00:23शुभ
अमृत00:23 – 01:52शुभ
चर01:52 – 03:20सामान्य
रोग03:20 – 04:49टालें
काल04:49 – 06:18टालें

21 मार्च 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 00:14, 22 मार्च तक
कृष्ण द्वादशी 02:56, 23 मार्च तक
नक्षत्र
श्रवण 08:12, 22 मार्च तक
योग
शिव 23:54 तक
सिद्ध 00:58, 23 मार्च तक
करण
बव 10:54 तक
बालव 00:14, 22 मार्च तक
कौलव 13:35, 22 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:19
सूर्यास्त
18:28
चंद्रोदय
03:30
चंद्रास्त
14:21
दिनमान
12h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:44 – 05:31
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:48

अशुभ समय

राहुकाल
15:26 – 16:57
यमगंड
09:21 – 10:52
गुलिक काल
12:24 – 13:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:1907:20दिन
सूर्य07:2008:20दिन
शुक्र08:2009:21दिन
बुध09:2110:22दिन
चंद्र10:2211:23दिन
शनि11:2312:24दिन
गुरु12:2413:24दिन
मंगल13:2414:25दिन
सूर्य14:2515:26दिन
शुक्र15:2616:27दिन
बुध16:2717:28दिन
चंद्र17:2818:28दिन
शनि18:2819:28रात
गुरु19:2820:27रात
मंगल20:2721:26रात
सूर्य21:2622:25रात
शुक्र22:2523:24रात
बुध23:2400:23रात
चंद्र00:2301:22रात
शनि01:2202:21रात
गुरु02:2103:20रात
मंगल03:2004:19रात
सूर्य04:1905:18रात
शुक्र05:1806:18रात

अयनांश 24.2512° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।