21 अप्रैल 2028 को ऋषिकेश का चौघड़िया

शुक्रवार, 21 अप्रैल 2028, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 21 अप्रैल 2028 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (21:04 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (00:08, 22 अप्रैल तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 05:43 पर और सूर्यास्त 18:48 पर है। राहुकाल 10:37 से 12:15 तक है।

दिन और रात
दिन 05:43 – 18:48
रात 05:42 तक
तिथि
द्वादशी, 21:04 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 00:08 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:43 – 07:21सामान्य
लाभ07:21 – 08:59शुभ
अमृत08:59 – 10:37शुभ
काल10:37 – 12:15टालें
शुभ12:15 – 13:53शुभ
रोग13:53 – 15:31टालें
उद्वेग15:31 – 17:09टालें
चर17:09 – 18:48सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:48 – 20:09टालें
काल20:09 – 21:31टालें
लाभ21:31 – 22:53शुभ
उद्वेग22:53 – 00:15टालें
शुभ00:15 – 01:36शुभ
अमृत01:36 – 02:58शुभ
चर02:58 – 04:20सामान्य
रोग04:20 – 05:42टालें

21 अप्रैल 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 21:04 तक
कृष्ण त्रयोदशी 22:56, 22 अप्रैल तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद 00:08, 22 अप्रैल तक
उत्तरा भाद्रपद 02:31, 23 अप्रैल तक
योग
ब्रह्म 09:28 तक
इंद्र 10:06, 22 अप्रैल तक
करण
कौलव 07:58 तक
तैतिल 21:04 तक
गर 10:03, 22 अप्रैल तक
चंद्र राशि
कुंभ 17:28 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:43
सूर्यास्त
18:48
चंद्रोदय
03:29
चंद्रास्त
15:48
दिनमान
13h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:15 – 04:59
अभिजीत मुहूर्त
11:49 – 12:41

अशुभ समय

राहुकाल
10:37 – 12:15
यमगंड
15:31 – 17:09
गुलिक काल
07:21 – 08:59

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:4306:48दिन
बुध06:4807:54दिन
चंद्र07:5408:59दिन
शनि08:5910:04दिन
गुरु10:0411:10दिन
मंगल11:1012:15दिन
सूर्य12:1513:21दिन
शुक्र13:2114:26दिन
बुध14:2615:31दिन
चंद्र15:3116:37दिन
शनि16:3717:42दिन
गुरु17:4218:48दिन
मंगल18:4819:42रात
सूर्य19:4220:37रात
शुक्र20:3721:31रात
बुध21:3122:26रात
चंद्र22:2623:20रात
शनि23:2000:15रात
गुरु00:1501:09रात
मंगल01:0902:04रात
सूर्य02:0402:58रात
शुक्र02:5803:53रात
बुध03:5304:47रात
चंद्र04:4705:42रात

अयनांश 24.2524° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।