1 मार्च 2029 को ऋषिकेश का चौघड़िया

गुरुवार, 1 मार्च 2029, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 1 मार्च 2029 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (19:01 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (15:21 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:42 पर और सूर्यास्त 18:15 पर है। राहुकाल 13:55 से 15:22 तक है।

दिन और रात
दिन 06:42 – 18:15
रात 06:41 तक
तिथि
प्रतिपदा, 19:01 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 15:21 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:42 – 08:09शुभ
रोग08:09 – 09:36टालें
उद्वेग09:36 – 11:02टालें
चर11:02 – 12:29सामान्य
लाभ12:29 – 13:55शुभ
अमृत13:55 – 15:22शुभ
काल15:22 – 16:49टालें
शुभ16:49 – 18:15शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:15 – 19:49शुभ
चर19:49 – 21:22सामान्य
रोग21:22 – 22:55टालें
काल22:55 – 00:28टालें
लाभ00:28 – 02:02शुभ
उद्वेग02:02 – 03:35टालें
शुभ03:35 – 05:08शुभ
अमृत05:08 – 06:41शुभ

1 मार्च 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 19:01 तक
कृष्ण द्वितीया 15:18, 2 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 12:25, 2 मार्च तक
योग
धृति 20:03 तक
शूलअशुभ 15:49, 2 मार्च तक
करण
बालव 08:51 तक
कौलव 19:01 तक
तैतिल 05:09, 2 मार्च तक
गर 15:18, 2 मार्च तक
चंद्र राशि
सिंह 20:37 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:42
सूर्यास्त
18:15
चंद्रोदय
19:11
चंद्रास्त
06:42
दिनमान
11h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:03 – 05:53
अभिजीत मुहूर्त
12:06 – 12:52

अशुभ समय

राहुकाल
13:55 – 15:22
यमगंड
06:42 – 08:09
गुलिक काल
09:36 – 11:02

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:4207:40दिन
मंगल07:4008:38दिन
सूर्य08:3809:36दिन
शुक्र09:3610:33दिन
बुध10:3311:31दिन
चंद्र11:3112:29दिन
शनि12:2913:27दिन
गुरु13:2714:24दिन
मंगल14:2415:22दिन
सूर्य15:2216:20दिन
शुक्र16:2017:18दिन
बुध17:1818:15दिन
चंद्र18:1519:17रात
शनि19:1720:20रात
गुरु20:2021:22रात
मंगल21:2222:24रात
सूर्य22:2423:26रात
शुक्र23:2600:28रात
बुध00:2801:30रात
चंद्र01:3002:33रात
शनि02:3303:35रात
गुरु03:3504:37रात
मंगल04:3705:39रात
सूर्य05:3906:41रात

अयनांश 24.2644° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।