2 नवंबर 2029 को ऋषिकेश का चौघड़िया

शुक्रवार, 2 नवंबर 2029, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 2 नवंबर 2029 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (23:58 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (21:12 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 06:31 पर और सूर्यास्त 17:28 पर है। राहुकाल 10:38 से 12:00 तक है।

दिन और रात
दिन 06:31 – 17:28
रात 06:32 तक
तिथि
एकादशी, 23:58 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 21:12 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:31 – 07:53सामान्य
लाभ07:53 – 09:15शुभ
अमृत09:15 – 10:38शुभ
काल10:38 – 12:00टालें
शुभ12:00 – 13:22शुभ
रोग13:22 – 14:44टालें
उद्वेग14:44 – 16:06टालें
चर16:06 – 17:28सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:28 – 19:06टालें
काल19:06 – 20:44टालें
लाभ20:44 – 22:22शुभ
उद्वेग22:22 – 00:00टालें
शुभ00:00 – 01:38शुभ
अमृत01:38 – 03:16शुभ
चर03:16 – 04:54सामान्य
रोग04:54 – 06:32टालें

2 नवंबर 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 23:58 तक
कृष्ण द्वादशी 20:58, 3 नव॰ तक
नक्षत्र
योग
इंद्र 03:01, 3 नव॰ तक
वैधृतिअशुभ 23:19, 3 नव॰ तक
करण
बव 13:15 तक
बालव 23:58 तक
कौलव 10:32, 3 नव॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 02:42, 3 नव॰ तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:31
सूर्यास्त
17:28
चंद्रोदय
02:00
चंद्रास्त
14:33
दिनमान
10h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:47 – 05:39
अभिजीत मुहूर्त
11:38 – 12:22

अशुभ समय

राहुकाल
10:38 – 12:00
यमगंड
14:44 – 16:06
गुलिक काल
07:53 – 09:15

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3107:26दिन
बुध07:2608:21दिन
चंद्र08:2109:15दिन
शनि09:1510:10दिन
गुरु10:1011:05दिन
मंगल11:0512:00दिन
सूर्य12:0012:54दिन
शुक्र12:5413:49दिन
बुध13:4914:44दिन
चंद्र14:4415:39दिन
शनि15:3916:34दिन
गुरु16:3417:28दिन
मंगल17:2818:34रात
सूर्य18:3419:39रात
शुक्र19:3920:44रात
बुध20:4421:50रात
चंद्र21:5022:55रात
शनि22:5500:00रात
गुरु00:0001:05रात
मंगल01:0502:11रात
सूर्य02:1103:16रात
शुक्र03:1604:21रात
बुध04:2105:27रात
चंद्र05:2706:32रात

अयनांश 24.2739° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।