5 अक्टूबर 2025 को रियाद का चौघड़िया

रविवार, 5 अक्टूबर 2025, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

रविवार, 5 अक्टूबर 2025 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (12:34 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (03:46, 6 अक्टू॰ तक) और योग गंड है। सूर्योदय 05:46 पर और सूर्यास्त 17:35 पर है। राहुकाल 16:07 से 17:35 तक है।

दिन और रात
दिन 05:46 – 17:35
रात 05:47 तक
तिथि
त्रयोदशी, 12:34 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 03:46 तक
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:46 – 07:15टालें
चर07:15 – 08:44सामान्य
लाभ08:44 – 10:12शुभ
अमृत10:12 – 11:41शुभ
काल11:41 – 13:09टालें
शुभ13:09 – 14:38शुभ
रोग14:38 – 16:07टालें
उद्वेग16:07 – 17:35टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:35 – 19:07शुभ
अमृत19:07 – 20:38शुभ
चर20:38 – 22:10सामान्य
रोग22:10 – 23:41टालें
काल23:41 – 01:12टालें
लाभ01:12 – 02:44शुभ
उद्वेग02:44 – 04:15टालें
शुभ04:15 – 05:47शुभ

5 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 12:34 तक
शुक्ल चतुर्दशी 09:54, 6 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद 03:46, 6 अक्टू॰ तक
उत्तरा भाद्रपद 01:31, 7 अक्टू॰ तक
योग
गंडअशुभ 14:04 तक
वृद्धि 10:43, 6 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 12:34 तक
गर 23:18 तक
वणिज 09:54, 6 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 22:15 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:46
सूर्यास्त
17:35
चंद्रोदय
16:27
चंद्रास्त
03:42
दिनमान
11h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:09 – 04:58
अभिजीत मुहूर्त
11:17 – 12:04

अशुभ समय

राहुकाल
16:07 – 17:35
यमगंड
11:41 – 13:09
गुलिक काल
14:38 – 16:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:4606:45दिन
शुक्र06:4507:44दिन
बुध07:4408:44दिन
चंद्र08:4409:43दिन
शनि09:4310:42दिन
गुरु10:4211:41दिन
मंगल11:4112:40दिन
सूर्य12:4013:39दिन
शुक्र13:3914:38दिन
बुध14:3815:37दिन
चंद्र15:3716:36दिन
शनि16:3617:35दिन
गुरु17:3518:36रात
मंगल18:3619:37रात
सूर्य19:3720:38रात
शुक्र20:3821:39रात
बुध21:3922:40रात
चंद्र22:4023:41रात
शनि23:4100:42रात
गुरु00:4201:43रात
मंगल01:4302:44रात
सूर्य02:4403:45रात
शुक्र03:4504:46रात
बुध04:4605:47रात

अयनांश 24.2169° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।