14 नवंबर 2025 को रियाद का चौघड़िया

शुक्रवार, 14 नवंबर 2025, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

शुक्रवार, 14 नवंबर 2025 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (22:20 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (18:50 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:08 पर और सूर्यास्त 17:06 पर है। राहुकाल 10:15 से 11:37 तक है।

दिन और रात
दिन 06:08 – 17:06
रात 06:09 तक
तिथि
दशमी, 22:20 तक
एकादशी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 18:50 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:08 – 07:30सामान्य
लाभ07:30 – 08:52शुभ
अमृत08:52 – 10:15शुभ
काल10:15 – 11:37टालें
शुभ11:37 – 12:59शुभ
रोग12:59 – 14:21टालें
उद्वेग14:21 – 15:44टालें
चर15:44 – 17:06सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:06 – 18:44टालें
काल18:44 – 20:22टालें
लाभ20:22 – 21:59शुभ
उद्वेग21:59 – 23:37टालें
शुभ23:37 – 01:15शुभ
अमृत01:15 – 02:53शुभ
चर02:53 – 04:31सामान्य
रोग04:31 – 06:09टालें

14 नवंबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण दशमी 22:20 तक
कृष्ण एकादशी 00:07, 16 नव॰ तक
नक्षत्र
योग
वैधृतिअशुभ 03:55, 15 नव॰ तक
विष्कंभअशुभ 04:16, 16 नव॰ तक
करण
वणिज 09:37 तक
विष्टि (भद्रा) 22:20 तक
बव 11:10, 15 नव॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 01:21, 15 नव॰ तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:08
सूर्यास्त
17:06
चंद्रोदय
00:59
चंद्रास्त
13:42
दिनमान
10h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:24 – 05:16
अभिजीत मुहूर्त
11:15 – 11:59

अशुभ समय

राहुकाल
10:15 – 11:37
यमगंड
14:21 – 15:44
गुलिक काल
07:30 – 08:52

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:0807:03दिन
बुध07:0307:58दिन
चंद्र07:5808:52दिन
शनि08:5209:47दिन
गुरु09:4710:42दिन
मंगल10:4211:37दिन
सूर्य11:3712:32दिन
शुक्र12:3213:27दिन
बुध13:2714:21दिन
चंद्र14:2115:16दिन
शनि15:1616:11दिन
गुरु16:1117:06दिन
मंगल17:0618:11रात
सूर्य18:1119:16रात
शुक्र19:1620:22रात
बुध20:2221:27रात
चंद्र21:2722:32रात
शनि22:3223:37रात
गुरु23:3700:43रात
मंगल00:4301:48रात
सूर्य01:4802:53रात
शुक्र02:5303:58रात
बुध03:5805:03रात
चंद्र05:0306:09रात

अयनांश 24.2184° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।