18 मार्च 2026 को रियाद का चौघड़िया

बुधवार, 18 मार्च 2026, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

बुधवार, 18 मार्च 2026 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (04:23, 19 मार्च तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (02:51, 19 मार्च तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 05:59 पर और सूर्यास्त 18:03 पर है। राहुकाल 12:01 से 13:31 तक है।

दिन और रात
दिन 05:59 – 18:03
रात 05:58 तक
तिथि
अमावस्या, 04:23 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 02:51 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:59 – 07:29शुभ
अमृत07:29 – 09:00शुभ
काल09:00 – 10:30टालें
शुभ10:30 – 12:01शुभ
रोग12:01 – 13:31टालें
उद्वेग13:31 – 15:02टालें
चर15:02 – 16:32सामान्य
लाभ16:32 – 18:03शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:03 – 19:32टालें
शुभ19:32 – 21:02शुभ
अमृत21:02 – 22:31शुभ
चर22:31 – 00:00सामान्य
रोग00:00 – 01:30टालें
काल01:30 – 02:59टालें
लाभ02:59 – 04:28शुभ
उद्वेग04:28 – 05:58टालें

18 मार्च 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
अमावस्या 04:23, 19 मार्च तक
शुक्ल प्रतिपदा 02:22, 20 मार्च तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद 02:51, 19 मार्च तक
उत्तरा भाद्रपद 01:35, 20 मार्च तक
योग
शुभ 01:31, 19 मार्च तक
शुक्ल 22:47, 19 मार्च तक
करण
चतुष्पद 17:13 तक
नाग 04:23, 19 मार्च तक
किंस्तुघ्न 15:26, 19 मार्च तक
चंद्र राशि
कुंभ 21:06 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:59
सूर्यास्त
18:03
चंद्रोदय
05:25
चंद्रास्त
17:33
दिनमान
12h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:23 – 05:11
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:25 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:01 – 13:31
यमगंड
07:29 – 09:00
गुलिक काल
10:30 – 12:01

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:5906:59दिन
चंद्र06:5908:00दिन
शनि08:0009:00दिन
गुरु09:0010:00दिन
मंगल10:0011:01दिन
सूर्य11:0112:01दिन
शुक्र12:0113:01दिन
बुध13:0114:02दिन
चंद्र14:0215:02दिन
शनि15:0216:02दिन
गुरु16:0217:02दिन
मंगल17:0218:03दिन
सूर्य18:0319:02रात
शुक्र19:0220:02रात
बुध20:0221:02रात
चंद्र21:0222:01रात
शनि22:0123:01रात
गुरु23:0100:00रात
मंगल00:0001:00रात
सूर्य01:0002:00रात
शुक्र02:0002:59रात
बुध02:5903:59रात
चंद्र03:5904:58रात
शनि04:5805:58रात

अयनांश 24.2232° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।