31 मार्च 2026 को रियाद का चौघड़िया

मंगलवार, 31 मार्च 2026, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

मंगलवार, 31 मार्च 2026 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (04:36, 1 अप्रैल तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (12:51 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 05:46 पर और सूर्यास्त 18:08 पर है। राहुकाल 15:03 से 16:35 तक है।

दिन और रात
दिन 05:46 – 18:08
रात 05:45 तक
तिथि
चतुर्दशी, 04:36 तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 12:51 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:46 – 07:18टालें
उद्वेग07:18 – 08:51टालें
चर08:51 – 10:24सामान्य
लाभ10:24 – 11:57शुभ
अमृत11:57 – 13:30शुभ
काल13:30 – 15:03टालें
शुभ15:03 – 16:35शुभ
रोग16:35 – 18:08टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:08 – 19:35टालें
लाभ19:35 – 21:02शुभ
उद्वेग21:02 – 22:29टालें
शुभ22:29 – 23:56शुभ
अमृत23:56 – 01:23शुभ
चर01:23 – 02:51सामान्य
रोग02:51 – 04:18टालें
काल04:18 – 05:45टालें

31 मार्च 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 04:36, 1 अप्रैल तक
पूर्णिमा 05:12, 2 अप्रैल तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 13:47, 1 अप्रैल तक
योग
गंडअशुभ 13:11 तक
वृद्धि 12:20, 1 अप्रैल तक
करण
गर 16:28 तक
वणिज 04:36, 1 अप्रैल तक
विष्टि (भद्रा) 16:51, 1 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सिंह 19:02 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:46
सूर्यास्त
18:08
चंद्रोदय
16:47
चंद्रास्त
04:36
दिनमान
12h 23m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:13 – 04:59
अभिजीत मुहूर्त
11:32 – 12:22

अशुभ समय

राहुकाल
15:03 – 16:35
यमगंड
08:51 – 10:24
गुलिक काल
11:57 – 13:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:4606:47दिन
सूर्य06:4707:49दिन
शुक्र07:4908:51दिन
बुध08:5109:53दिन
चंद्र09:5310:55दिन
शनि10:5511:57दिन
गुरु11:5712:59दिन
मंगल12:5914:01दिन
सूर्य14:0115:03दिन
शुक्र15:0316:05दिन
बुध16:0517:06दिन
चंद्र17:0618:08दिन
शनि18:0819:06रात
गुरु19:0620:04रात
मंगल20:0421:02रात
सूर्य21:0222:00रात
शुक्र22:0022:58रात
बुध22:5823:56रात
चंद्र23:5600:54रात
शनि00:5401:53रात
गुरु01:5302:51रात
मंगल02:5103:49रात
सूर्य03:4904:47रात
शुक्र04:4705:45रात

अयनांश 24.2237° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।