6 सितंबर 2026 को रियाद का चौघड़िया

रविवार, 6 सितंबर 2026, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

रविवार, 6 सितंबर 2026 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (16:59 तक), नक्षत्र आर्द्रा (17:22 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 05:35 पर और सूर्यास्त 18:06 पर है। राहुकाल 16:32 से 18:06 तक है।

दिन और रात
दिन 05:35 – 18:06
रात 05:36 तक
तिथि
दशमी, 16:59 तक
एकादशी
नक्षत्र
आर्द्रा, 17:22 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:35 – 07:09टालें
चर07:09 – 08:43सामान्य
लाभ08:43 – 10:17शुभ
अमृत10:17 – 11:51शुभ
काल11:51 – 13:25टालें
शुभ13:25 – 14:59शुभ
रोग14:59 – 16:32टालें
उद्वेग16:32 – 18:06टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:06 – 19:32शुभ
अमृत19:32 – 20:59शुभ
चर20:59 – 22:25सामान्य
रोग22:25 – 23:51टालें
काल23:51 – 01:17टालें
लाभ01:17 – 02:43शुभ
उद्वेग02:43 – 04:10टालें
शुभ04:10 – 05:36शुभ

6 सितंबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण दशमी 16:59 तक
कृष्ण एकादशी 14:34, 7 सित॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 15:44, 7 सित॰ तक
योग
सिद्धि 07:15 तक
व्यतीपातअशुभ 04:11, 7 सित॰ तक
वरीयान 01:08, 8 सित॰ तक
करण
वणिज 06:12 तक
विष्टि (भद्रा) 16:59 तक
बव 03:46, 7 सित॰ तक
बालव 14:34, 7 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:35
सूर्यास्त
18:06
चंद्रोदय
00:16
चंद्रास्त
14:39
दिनमान
12h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:04 – 04:50
अभिजीत मुहूर्त
11:26 – 12:16

अशुभ समय

राहुकाल
16:32 – 18:06
यमगंड
11:51 – 13:25
गुलिक काल
14:59 – 16:32

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:3506:38दिन
शुक्र06:3807:41दिन
बुध07:4108:43दिन
चंद्र08:4309:46दिन
शनि09:4610:48दिन
गुरु10:4811:51दिन
मंगल11:5112:53दिन
सूर्य12:5313:56दिन
शुक्र13:5614:59दिन
बुध14:5916:01दिन
चंद्र16:0117:04दिन
शनि17:0418:06दिन
गुरु18:0619:04रात
मंगल19:0420:01रात
सूर्य20:0120:59रात
शुक्र20:5921:56रात
बुध21:5622:54रात
चंद्र22:5423:51रात
शनि23:5100:48रात
गुरु00:4801:46रात
मंगल01:4602:43रात
सूर्य02:4303:41रात
शुक्र03:4104:38रात
बुध04:3805:36रात

अयनांश 24.2298° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।