1 सितंबर 2027 को रियाद का चौघड़िया

बुधवार, 1 सितंबर 2027, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

बुधवार, 1 सितंबर 2027 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (17:20 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (17:18 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:34 पर और सूर्यास्त 18:12 पर है। राहुकाल 11:53 से 13:27 तक है।

दिन और रात
दिन 05:34 – 18:12
रात 05:34 तक
तिथि
प्रतिपदा, 17:20 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 17:18 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:34 – 07:08शुभ
अमृत07:08 – 08:43शुभ
काल08:43 – 10:18टालें
शुभ10:18 – 11:53शुभ
रोग11:53 – 13:27टालें
उद्वेग13:27 – 15:02टालें
चर15:02 – 16:37सामान्य
लाभ16:37 – 18:12शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:12 – 19:37टालें
शुभ19:37 – 21:02शुभ
अमृत21:02 – 22:27शुभ
चर22:27 – 23:53सामान्य
रोग23:53 – 01:18टालें
काल01:18 – 02:43टालें
लाभ02:43 – 04:09शुभ
उद्वेग04:09 – 05:34टालें

1 सितंबर 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 17:20 तक
शुक्ल द्वितीया 14:20, 2 सित॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 15:06, 2 सित॰ तक
योग
सिद्ध 15:15 तक
साध्य 11:39, 2 सित॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 06:59 तक
बव 17:20 तक
बालव 03:47, 2 सित॰ तक
कौलव 14:20, 2 सित॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 22:43 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:34
सूर्यास्त
18:12
चंद्रोदय
06:03
चंद्रास्त
18:34
दिनमान
12h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:03 – 04:48
अभिजीत मुहूर्त
11:27 – 12:18 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:53 – 13:27
यमगंड
07:08 – 08:43
गुलिक काल
10:18 – 11:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:3406:37दिन
चंद्र06:3707:40दिन
शनि07:4008:43दिन
गुरु08:4309:46दिन
मंगल09:4610:49दिन
सूर्य10:4911:53दिन
शुक्र11:5312:56दिन
बुध12:5613:59दिन
चंद्र13:5915:02दिन
शनि15:0216:05दिन
गुरु16:0517:08दिन
मंगल17:0818:12दिन
सूर्य18:1219:08रात
शुक्र19:0820:05रात
बुध20:0521:02रात
चंद्र21:0221:59रात
शनि21:5922:56रात
गुरु22:5623:53रात
मंगल23:5300:50रात
सूर्य00:5001:46रात
शुक्र01:4602:43रात
बुध02:4303:40रात
चंद्र03:4004:37रात
शनि04:3705:34रात

अयनांश 24.2435° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।