8 मार्च 2029 को सांगली का चौघड़िया

गुरुवार, 8 मार्च 2029, सांगली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 8 मार्च 2029 को सांगली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (00:50, 9 मार्च तक), नक्षत्र मूल (02:52, 9 मार्च तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:44 पर और सूर्यास्त 18:40 पर है। राहुकाल 14:11 से 15:41 तक है।

दिन और रात
दिन 06:44 – 18:40
रात 06:44 तक
तिथि
नवमी, 00:50 तक
दशमी
नक्षत्र
मूल, 02:52 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:44 – 08:14शुभ
रोग08:14 – 09:43टालें
उद्वेग09:43 – 11:13टालें
चर11:13 – 12:42सामान्य
लाभ12:42 – 14:11शुभ
अमृत14:11 – 15:41शुभ
काल15:41 – 17:10टालें
शुभ17:10 – 18:40शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:40 – 20:10शुभ
चर20:10 – 21:41सामान्य
रोग21:41 – 23:11टालें
काल23:11 – 00:42टालें
लाभ00:42 – 02:12शुभ
उद्वेग02:12 – 03:43टालें
शुभ03:43 – 05:13शुभ
अमृत05:13 – 06:44शुभ

8 मार्च 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण नवमी 00:50, 9 मार्च तक
कृष्ण दशमी 01:17, 10 मार्च तक
नक्षत्र
मूल 02:52, 9 मार्च तक
पूर्वाषाढ़ा 03:58, 10 मार्च तक
योग
सिद्धि 19:26 तक
व्यतीपातअशुभ 18:32, 9 मार्च तक
करण
तैतिल 12:50 तक
गर 00:50, 9 मार्च तक
वणिज 12:59, 9 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:44
सूर्यास्त
18:40
चंद्रोदय
01:34
चंद्रास्त
12:54
दिनमान
11h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:08 – 05:56
अभिजीत मुहूर्त
12:18 – 13:06

अशुभ समय

राहुकाल
14:11 – 15:41
यमगंड
06:44 – 08:14
गुलिक काल
09:43 – 11:13

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:4407:44दिन
मंगल07:4408:44दिन
सूर्य08:4409:43दिन
शुक्र09:4310:43दिन
बुध10:4311:42दिन
चंद्र11:4212:42दिन
शनि12:4213:42दिन
गुरु13:4214:41दिन
मंगल14:4115:41दिन
सूर्य15:4116:41दिन
शुक्र16:4117:40दिन
बुध17:4018:40दिन
चंद्र18:4019:40रात
शनि19:4020:40रात
गुरु20:4021:41रात
मंगल21:4122:41रात
सूर्य22:4123:41रात
शुक्र23:4100:42रात
बुध00:4201:42रात
चंद्र01:4202:42रात
शनि02:4203:43रात
गुरु03:4304:43रात
मंगल04:4305:43रात
सूर्य05:4306:44रात

अयनांश 24.2647° (लाहिड़ी)। समय सांगली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।