2 नवंबर 2029 को सांगली का चौघड़िया

शुक्रवार, 2 नवंबर 2029, सांगली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 2 नवंबर 2029 को सांगली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (23:58 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (21:12 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 06:30 पर और सूर्यास्त 18:00 पर है। राहुकाल 10:48 से 12:15 तक है।

दिन और रात
दिन 06:30 – 18:00
रात 06:30 तक
तिथि
एकादशी, 23:58 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 21:12 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:30 – 07:56सामान्य
लाभ07:56 – 09:22शुभ
अमृत09:22 – 10:48शुभ
काल10:48 – 12:15टालें
शुभ12:15 – 13:41शुभ
रोग13:41 – 15:07टालें
उद्वेग15:07 – 16:34टालें
चर16:34 – 18:00सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:00 – 19:34टालें
काल19:34 – 21:07टालें
लाभ21:07 – 22:41शुभ
उद्वेग22:41 – 00:15टालें
शुभ00:15 – 01:49शुभ
अमृत01:49 – 03:22शुभ
चर03:22 – 04:56सामान्य
रोग04:56 – 06:30टालें

2 नवंबर 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 23:58 तक
कृष्ण द्वादशी 20:58, 3 नव॰ तक
नक्षत्र
योग
इंद्र 03:01, 3 नव॰ तक
वैधृतिअशुभ 23:19, 3 नव॰ तक
करण
बव 13:15 तक
बालव 23:58 तक
कौलव 10:32, 3 नव॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 02:42, 3 नव॰ तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:30
सूर्यास्त
18:00
चंद्रोदय
02:20
चंद्रास्त
14:48
दिनमान
11h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:50 – 05:40
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:38

अशुभ समय

राहुकाल
10:48 – 12:15
यमगंड
15:07 – 16:34
गुलिक काल
07:56 – 09:22

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3007:27दिन
बुध07:2708:25दिन
चंद्र08:2509:22दिन
शनि09:2210:20दिन
गुरु10:2011:17दिन
मंगल11:1712:15दिन
सूर्य12:1513:12दिन
शुक्र13:1214:10दिन
बुध14:1015:07दिन
चंद्र15:0716:05दिन
शनि16:0517:02दिन
गुरु17:0218:00दिन
मंगल18:0019:02रात
सूर्य19:0220:05रात
शुक्र20:0521:07रात
बुध21:0722:10रात
चंद्र22:1023:12रात
शनि23:1200:15रात
गुरु00:1501:17रात
मंगल01:1702:20रात
सूर्य02:2003:22रात
शुक्र03:2204:25रात
बुध04:2505:27रात
चंद्र05:2706:30रात

अयनांश 24.2739° (लाहिड़ी)। समय सांगली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।