4 अप्रैल 2025 को सिएटल का चौघड़िया

शुक्रवार, 4 अप्रैल 2025, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

शुक्रवार, 4 अप्रैल 2025 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (07:43 तक), नक्षत्र आर्द्रा (16:50 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:41 पर और सूर्यास्त 19:44 पर है। राहुकाल 11:34 से 13:12 तक है।

दिन और रात
दिन 06:41 – 19:44
रात 06:39 तक
तिथि
अष्टमी
नक्षत्र
आर्द्रा, 16:50 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:41 – 08:18सामान्य
लाभ08:18 – 09:56शुभ
अमृत09:56 – 11:34शुभ
काल11:34 – 13:12टालें
शुभ13:12 – 14:50शुभ
रोग14:50 – 16:28टालें
उद्वेग16:28 – 18:06टालें
चर18:06 – 19:44सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:44 – 21:05टालें
काल21:05 – 22:27टालें
लाभ22:27 – 23:49शुभ
उद्वेग23:49 – 01:11टालें
शुभ01:11 – 02:33शुभ
अमृत02:33 – 03:55शुभ
चर03:55 – 05:17सामान्य
रोग05:17 – 06:39टालें

4 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 07:43 तक
शुक्ल अष्टमी 06:57, 5 अप्रैल तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 17:02, 5 अप्रैल तक
योग
शोभन 09:15 तक
अतिगंडअशुभ 07:33, 5 अप्रैल तक
करण
वणिज 07:43 तक
विष्टि (भद्रा) 19:14 तक
बव 06:57, 5 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:41
सूर्यास्त
19:44
चंद्रोदय
10:42
चंद्रास्त
03:11
दिनमान
13h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:13 – 05:57
अभिजीत मुहूर्त
12:46 – 13:38

अशुभ समय

राहुकाल
11:34 – 13:12
यमगंड
16:28 – 18:06
गुलिक काल
08:18 – 09:56

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:4107:46दिन
बुध07:4608:51दिन
चंद्र08:5109:56दिन
शनि09:5611:02दिन
गुरु11:0212:07दिन
मंगल12:0713:12दिन
सूर्य13:1214:17दिन
शुक्र14:1715:23दिन
बुध15:2316:28दिन
चंद्र16:2817:33दिन
शनि17:3318:38दिन
गुरु18:3819:44दिन
मंगल19:4420:38रात
सूर्य20:3821:33रात
शुक्र21:3322:27रात
बुध22:2723:22रात
चंद्र23:2200:17रात
शनि00:1701:11रात
गुरु01:1102:06रात
मंगल02:0603:00रात
सूर्य03:0003:55रात
शुक्र03:5504:49रात
बुध04:4905:44रात
चंद्र05:4406:39रात

अयनांश 24.2099° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।