27 अक्टूबर 2025 को शिमला का चौघड़िया

सोमवार, 27 अक्टूबर 2025, शिमला, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 27 अक्टूबर 2025 को शिमला में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (08:00, 28 अक्टू॰ तक), नक्षत्र मूल (13:27 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:32 पर और सूर्यास्त 17:37 पर है। राहुकाल 07:55 से 09:18 तक है।

दिन और रात
दिन 06:32 – 17:37
रात 06:33 तक
तिथि
षष्ठी
नक्षत्र
मूल, 13:27 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:32 – 07:55शुभ
काल07:55 – 09:18टालें
शुभ09:18 – 10:41शुभ
रोग10:41 – 12:05टालें
उद्वेग12:05 – 13:28टालें
चर13:28 – 14:51सामान्य
लाभ14:51 – 16:14शुभ
अमृत16:14 – 17:37शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:37 – 19:14सामान्य
रोग19:14 – 20:51टालें
काल20:51 – 22:28टालें
लाभ22:28 – 00:05शुभ
उद्वेग00:05 – 01:42टालें
शुभ01:42 – 03:19शुभ
अमृत03:19 – 04:56शुभ
चर04:56 – 06:33सामान्य

27 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 08:00, 28 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मूल 13:27 तक
पूर्वाषाढ़ा 15:45, 28 अक्टू॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 07:26 तक
सुकर्मा 07:50, 28 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 19:06 तक
तैतिल 08:00, 28 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:32
सूर्यास्त
17:37
चंद्रोदय
11:43
चंद्रास्त
21:34
दिनमान
11h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:49 – 05:41
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:27

अशुभ समय

राहुकाल
07:55 – 09:18
यमगंड
10:41 – 12:05
गुलिक काल
13:28 – 14:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3207:28दिन
शनि07:2808:23दिन
गुरु08:2309:18दिन
मंगल09:1810:14दिन
सूर्य10:1411:09दिन
शुक्र11:0912:05दिन
बुध12:0513:00दिन
चंद्र13:0013:55दिन
शनि13:5514:51दिन
गुरु14:5115:46दिन
मंगल15:4616:41दिन
सूर्य16:4117:37दिन
शुक्र17:3718:41रात
बुध18:4119:46रात
चंद्र19:4620:51रात
शनि20:5121:56रात
गुरु21:5623:00रात
मंगल23:0000:05रात
सूर्य00:0501:10रात
शुक्र01:1002:14रात
बुध02:1403:19रात
चंद्र03:1904:24रात
शनि04:2405:28रात
गुरु05:2806:33रात

अयनांश 24.2177° (लाहिड़ी)। समय शिमला (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।