8 सितंबर 2025 को सिलीगुड़ी का चौघड़िया

सोमवार, 8 सितंबर 2025, सिलीगुड़ी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 8 सितंबर 2025 को सिलीगुड़ी में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (21:12 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (20:02 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 05:18 पर और सूर्यास्त 17:48 पर है। राहुकाल 06:52 से 08:26 तक है।

दिन और रात
दिन 05:18 – 17:48
रात 05:19 तक
तिथि
प्रतिपदा, 21:12 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 20:02 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:18 – 06:52शुभ
काल06:52 – 08:26टालें
शुभ08:26 – 10:00शुभ
रोग10:00 – 11:33टालें
उद्वेग11:33 – 13:07टालें
चर13:07 – 14:41सामान्य
लाभ14:41 – 16:15शुभ
अमृत16:15 – 17:48शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:48 – 19:15सामान्य
रोग19:15 – 20:41टालें
काल20:41 – 22:07टालें
लाभ22:07 – 23:34शुभ
उद्वेग23:34 – 01:00टालें
शुभ01:00 – 02:26शुभ
अमृत02:26 – 03:53शुभ
चर03:53 – 05:19सामान्य

8 सितंबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 21:12 तक
कृष्ण द्वितीया 18:29, 9 सित॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 18:07, 9 सित॰ तक
योग
धृति 06:30 तक
शूलअशुभ 03:20, 9 सित॰ तक
गंडअशुभ 23:58, 9 सित॰ तक
करण
बालव 10:28 तक
कौलव 21:12 तक
तैतिल 07:52, 9 सित॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 14:29 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:18
सूर्यास्त
17:48
चंद्रोदय
18:13
चंद्रास्त
05:36
दिनमान
12h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:47 – 04:33
अभिजीत मुहूर्त
11:08 – 11:58

अशुभ समय

राहुकाल
06:52 – 08:26
यमगंड
10:00 – 11:33
गुलिक काल
13:07 – 14:41

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:1806:21दिन
शनि06:2107:23दिन
गुरु07:2308:26दिन
मंगल08:2609:28दिन
सूर्य09:2810:31दिन
शुक्र10:3111:33दिन
बुध11:3312:36दिन
चंद्र12:3613:38दिन
शनि13:3814:41दिन
गुरु14:4115:43दिन
मंगल15:4316:46दिन
सूर्य16:4617:48दिन
शुक्र17:4818:46रात
बुध18:4619:43रात
चंद्र19:4320:41रात
शनि20:4121:39रात
गुरु21:3922:36रात
मंगल22:3623:34रात
सूर्य23:3400:31रात
शुक्र00:3101:29रात
बुध01:2902:26रात
चंद्र02:2603:24रात
शनि03:2404:21रात
गुरु04:2105:19रात

अयनांश 24.2159° (लाहिड़ी)। समय सिलीगुड़ी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।