8 जनवरी 2026 को श्रीनगर का चौघड़िया

गुरुवार, 8 जनवरी 2026, श्रीनगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 8 जनवरी 2026 को श्रीनगर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (07:05, 9 जन॰ तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (12:24 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 07:37 पर और सूर्यास्त 17:37 पर है। राहुकाल 13:52 से 15:07 तक है।

दिन और रात
दिन 07:37 – 17:37
रात 07:37 तक
तिथि
षष्ठी, 07:05 तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 12:24 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:37 – 08:52शुभ
रोग08:52 – 10:07टालें
उद्वेग10:07 – 11:22टालें
चर11:22 – 12:37सामान्य
लाभ12:37 – 13:52शुभ
अमृत13:52 – 15:07शुभ
काल15:07 – 16:22टालें
शुभ16:22 – 17:37शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:37 – 19:22शुभ
चर19:22 – 21:07सामान्य
रोग21:07 – 22:52टालें
काल22:52 – 00:37टालें
लाभ00:37 – 02:22शुभ
उद्वेग02:22 – 04:07टालें
शुभ04:07 – 05:52शुभ
अमृत05:52 – 07:37शुभ

8 जनवरी 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 07:05, 9 जन॰ तक
कृष्ण सप्तमी 08:24, 10 जन॰ तक
नक्षत्र
योग
सौभाग्य 17:25 तक
शोभन 16:55, 9 जन॰ तक
करण
गर 18:43 तक
वणिज 07:05, 9 जन॰ तक
विष्टि (भद्रा) 19:39, 9 जन॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 18:39 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:37
सूर्यास्त
17:37
चंद्रोदय
23:03
चंद्रास्त
10:49
दिनमान
10h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:45 – 06:41
अभिजीत मुहूर्त
12:17 – 12:57

अशुभ समय

राहुकाल
13:52 – 15:07
यमगंड
07:37 – 08:52
गुलिक काल
10:07 – 11:22

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:3708:27दिन
मंगल08:2709:17दिन
सूर्य09:1710:07दिन
शुक्र10:0710:57दिन
बुध10:5711:47दिन
चंद्र11:4712:37दिन
शनि12:3713:27दिन
गुरु13:2714:17दिन
मंगल14:1715:07दिन
सूर्य15:0715:57दिन
शुक्र15:5716:47दिन
बुध16:4717:37दिन
चंद्र17:3718:47रात
शनि18:4719:57रात
गुरु19:5721:07रात
मंगल21:0722:17रात
सूर्य22:1723:27रात
शुक्र23:2700:37रात
बुध00:3701:47रात
चंद्र01:4702:57रात
शनि02:5704:07रात
गुरु04:0705:17रात
मंगल05:1706:27रात
सूर्य06:2707:37रात

अयनांश 24.2205° (लाहिड़ी)। समय श्रीनगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।