10 नवंबर 2027 को श्रीनगर का चौघड़िया

बुधवार, 10 नवंबर 2027, श्रीनगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 10 नवंबर 2027 को श्रीनगर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (09:11 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (07:01, 11 नव॰ तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:58 पर और सूर्यास्त 17:30 पर है। राहुकाल 12:14 से 13:33 तक है।

दिन और रात
दिन 06:58 – 17:30
रात 06:59 तक
तिथि
द्वादशी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:58 – 08:17शुभ
अमृत08:17 – 09:36शुभ
काल09:36 – 10:55टालें
शुभ10:55 – 12:14शुभ
रोग12:14 – 13:33टालें
उद्वेग13:33 – 14:52टालें
चर14:52 – 16:11सामान्य
लाभ16:11 – 17:30शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:30 – 19:11टालें
शुभ19:11 – 20:52शुभ
अमृत20:52 – 22:33शुभ
चर22:33 – 00:14सामान्य
रोग00:14 – 01:55टालें
काल01:55 – 03:37टालें
लाभ03:37 – 05:18शुभ
उद्वेग05:18 – 06:59टालें

10 नवंबर 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 09:11 तक
शुक्ल द्वादशी 10:07, 11 नव॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 07:01, 11 नव॰ तक
योग
हर्षण 23:40 तक
वज्रअशुभ 22:57, 11 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:11 तक
बव 21:44 तक
बालव 10:07, 11 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:58
सूर्यास्त
17:30
चंद्रोदय
15:03
चंद्रास्त
03:01
दिनमान
10h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:10 – 06:04
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:35 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:14 – 13:33
यमगंड
08:17 – 09:36
गुलिक काल
10:55 – 12:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:5807:50दिन
चंद्र07:5008:43दिन
शनि08:4309:36दिन
गुरु09:3610:29दिन
मंगल10:2911:21दिन
सूर्य11:2112:14दिन
शुक्र12:1413:07दिन
बुध13:0713:59दिन
चंद्र13:5914:52दिन
शनि14:5215:45दिन
गुरु15:4516:38दिन
मंगल16:3817:30दिन
सूर्य17:3018:38रात
शुक्र18:3819:45रात
बुध19:4520:52रात
चंद्र20:5222:00रात
शनि22:0023:07रात
गुरु23:0700:14रात
मंगल00:1401:22रात
सूर्य01:2202:29रात
शुक्र02:2903:37रात
बुध03:3704:44रात
चंद्र04:4405:51रात
शनि05:5106:59रात

अयनांश 24.2462° (लाहिड़ी)। समय श्रीनगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।