8 सितंबर 2025 को सुवा का चौघड़िया

सोमवार, 8 सितंबर 2025, सुवा, फ़िजी। समय Pacific/Fiji में है।

सोमवार, 8 सितंबर 2025 को सुवा में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (06:08 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (02:32, 9 सित॰ तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:08 पर और सूर्यास्त 18:00 पर है। राहुकाल 07:37 से 09:06 तक है।

दिन और रात
दिन 06:08 – 18:00
रात 06:07 तक
तिथि
प्रतिपदा, 03:42 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 02:32 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:08 – 07:37शुभ
काल07:37 – 09:06टालें
शुभ09:06 – 10:35शुभ
रोग10:35 – 12:04टालें
उद्वेग12:04 – 13:33टालें
चर13:33 – 15:02सामान्य
लाभ15:02 – 16:31शुभ
अमृत16:31 – 18:00शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:00 – 19:31सामान्य
रोग19:31 – 21:01टालें
काल21:01 – 22:32टालें
लाभ22:32 – 00:03शुभ
उद्वेग00:03 – 01:34टालें
शुभ01:34 – 03:05शुभ
अमृत03:05 – 04:36शुभ
चर04:36 – 06:07सामान्य

8 सितंबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
पूर्णिमा 06:08 तक
कृष्ण प्रतिपदा 03:42, 9 सित॰ तक
कृष्ण द्वितीया 00:59, 10 सित॰ तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद 02:32, 9 सित॰ तक
उत्तरा भाद्रपद 00:37, 10 सित॰ तक
योग
धृति 13:00 तक
शूलअशुभ 09:50, 9 सित॰ तक
करण
बव 06:08 तक
बालव 16:58 तक
कौलव 03:42, 9 सित॰ तक
तैतिल 14:22, 9 सित॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 20:59 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:08
सूर्यास्त
18:00
चंद्रोदय
18:25
चंद्रास्त
06:11
दिनमान
11h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:31 – 05:19
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:27

अशुभ समय

राहुकाल
07:37 – 09:06
यमगंड
10:35 – 12:04
गुलिक काल
13:33 – 15:02

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:0807:07दिन
शनि07:0708:06दिन
गुरु08:0609:06दिन
मंगल09:0610:05दिन
सूर्य10:0511:04दिन
शुक्र11:0412:04दिन
बुध12:0413:03दिन
चंद्र13:0314:02दिन
शनि14:0215:02दिन
गुरु15:0216:01दिन
मंगल16:0117:00दिन
सूर्य17:0018:00दिन
शुक्र18:0019:00रात
बुध19:0020:01रात
चंद्र20:0121:01रात
शनि21:0122:02रात
गुरु22:0223:03रात
मंगल23:0300:03रात
सूर्य00:0301:04रात
शुक्र01:0402:04रात
बुध02:0403:05रात
चंद्र03:0504:06रात
शनि04:0605:06रात
गुरु05:0606:07रात

अयनांश 24.2159° (लाहिड़ी)। समय सुवा (Pacific/Fiji) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।