8 जनवरी 2026 को सुवा का चौघड़िया

गुरुवार, 8 जनवरी 2026, सुवा, फ़िजी। समय Pacific/Fiji में है।

गुरुवार, 8 जनवरी 2026 को सुवा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (13:04 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (18:54 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:37 पर और सूर्यास्त 18:47 पर है। राहुकाल 13:51 से 15:30 तक है।

दिन और रात
दिन 05:37 – 18:47
रात 05:38 तक
तिथि
पंचमी, 13:04 तक
षष्ठी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 18:54 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:37 – 07:16शुभ
रोग07:16 – 08:55टालें
उद्वेग08:55 – 10:34टालें
चर10:34 – 12:12सामान्य
लाभ12:12 – 13:51शुभ
अमृत13:51 – 15:30शुभ
काल15:30 – 17:08टालें
शुभ17:08 – 18:47शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:47 – 20:08शुभ
चर20:08 – 21:30सामान्य
रोग21:30 – 22:51टालें
काल22:51 – 00:13टालें
लाभ00:13 – 01:34शुभ
उद्वेग01:34 – 02:55टालें
शुभ02:55 – 04:17शुभ
अमृत04:17 – 05:38शुभ

8 जनवरी 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 13:04 तक
कृष्ण षष्ठी 13:35, 9 जन॰ तक
नक्षत्र
योग
सौभाग्य 23:55 तक
शोभन 23:25, 9 जन॰ तक
करण
तैतिल 13:04 तक
गर 01:13, 9 जन॰ तक
वणिज 13:35, 9 जन॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 01:09, 9 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:37
सूर्यास्त
18:47
चंद्रोदय
22:29
चंद्रास्त
09:57
दिनमान
13h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:11 – 04:54
अभिजीत मुहूर्त
11:46 – 12:39

अशुभ समय

राहुकाल
13:51 – 15:30
यमगंड
05:37 – 07:16
गुलिक काल
08:55 – 10:34

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:3706:43दिन
मंगल06:4307:49दिन
सूर्य07:4908:55दिन
शुक्र08:5510:01दिन
बुध10:0111:06दिन
चंद्र11:0612:12दिन
शनि12:1213:18दिन
गुरु13:1814:24दिन
मंगल14:2415:30दिन
सूर्य15:3016:35दिन
शुक्र16:3517:41दिन
बुध17:4118:47दिन
चंद्र18:4719:41रात
शनि19:4120:36रात
गुरु20:3621:30रात
मंगल21:3022:24रात
सूर्य22:2423:18रात
शुक्र23:1800:13रात
बुध00:1301:07रात
चंद्र01:0702:01रात
शनि02:0102:55रात
गुरु02:5503:50रात
मंगल03:5004:44रात
सूर्य04:4405:38रात

अयनांश 24.2205° (लाहिड़ी)। समय सुवा (Pacific/Fiji) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।