19 सितंबर 2026 को सुवा का चौघड़िया

शनिवार, 19 सितंबर 2026, सुवा, फ़िजी। समय Pacific/Fiji में है।

शनिवार, 19 सितंबर 2026 को सुवा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (21:57 तक), नक्षत्र मूल (08:13, 20 सित॰ तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:59 पर और सूर्यास्त 18:01 पर है। राहुकाल 08:59 से 10:30 तक है।

दिन और रात
दिन 05:59 – 18:01
रात 05:58 तक
तिथि
अष्टमी, 21:57 तक
नवमी
नक्षत्र
मूल
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:59 – 07:29टालें
शुभ07:29 – 08:59शुभ
रोग08:59 – 10:30टालें
उद्वेग10:30 – 12:00टालें
चर12:00 – 13:30सामान्य
लाभ13:30 – 15:01शुभ
अमृत15:01 – 16:31शुभ
काल16:31 – 18:01टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:01 – 19:31शुभ
उद्वेग19:31 – 21:00टालें
शुभ21:00 – 22:30शुभ
अमृत22:30 – 23:59शुभ
चर23:59 – 01:29सामान्य
रोग01:29 – 02:59टालें
काल02:59 – 04:28टालें
लाभ04:28 – 05:58शुभ

19 सितंबर 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 21:57 तक
शुक्ल नवमी 00:21, 21 सित॰ तक
नक्षत्र
मूल 08:13, 20 सित॰ तक
योग
आयुष्मान 20:59 तक
सौभाग्य 21:52, 20 सित॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 08:43 तक
बव 21:57 तक
बालव 11:10, 20 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:59
सूर्यास्त
18:01
चंद्रोदय
11:22
चंद्रास्त
00:19
दिनमान
12h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:23 – 05:11
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:24

अशुभ समय

राहुकाल
08:59 – 10:30
यमगंड
13:30 – 15:01
गुलिक काल
05:59 – 07:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5906:59दिन
गुरु06:5907:59दिन
मंगल07:5908:59दिन
सूर्य08:5909:59दिन
शुक्र09:5911:00दिन
बुध11:0012:00दिन
चंद्र12:0013:00दिन
शनि13:0014:00दिन
गुरु14:0015:01दिन
मंगल15:0116:01दिन
सूर्य16:0117:01दिन
शुक्र17:0118:01दिन
बुध18:0119:01रात
चंद्र19:0120:01रात
शनि20:0121:00रात
गुरु21:0022:00रात
मंगल22:0023:00रात
सूर्य23:0023:59रात
शुक्र23:5900:59रात
बुध00:5901:59रात
चंद्र01:5902:59रात
शनि02:5903:58रात
गुरु03:5804:58रात
मंगल04:5805:58रात

अयनांश 24.2302° (लाहिड़ी)। समय सुवा (Pacific/Fiji) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।