31 अक्टूबर 2026 को सुवा का चौघड़िया

शनिवार, 31 अक्टूबर 2026, सुवा, फ़िजी। समय Pacific/Fiji में है।

शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को सुवा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (23:27 तक), नक्षत्र आर्द्रा (13:42 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:27 पर और सूर्यास्त 18:12 पर है। राहुकाल 08:38 से 10:14 तक है।

दिन और रात
दिन 05:27 – 18:12
रात 05:27 तक
तिथि
षष्ठी, 23:27 तक
सप्तमी
नक्षत्र
आर्द्रा, 13:42 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:27 – 07:03टालें
शुभ07:03 – 08:38शुभ
रोग08:38 – 10:14टालें
उद्वेग10:14 – 11:50टालें
चर11:50 – 13:25सामान्य
लाभ13:25 – 15:01शुभ
अमृत15:01 – 16:36शुभ
काल16:36 – 18:12टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:12 – 19:36शुभ
उद्वेग19:36 – 21:01टालें
शुभ21:01 – 22:25शुभ
अमृत22:25 – 23:49शुभ
चर23:49 – 01:14सामान्य
रोग01:14 – 02:38टालें
काल02:38 – 04:02टालें
लाभ04:02 – 05:27शुभ

31 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 23:27 तक
कृष्ण सप्तमी 21:22, 1 नव॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 12:09, 1 नव॰ तक
योग
सिद्ध 00:01, 1 नव॰ तक
साध्य 21:09, 1 नव॰ तक
करण
गर 12:39 तक
वणिज 23:27 तक
विष्टि (भद्रा) 10:22, 1 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
18:12
चंद्रोदय
23:31
चंद्रास्त
09:44
दिनमान
12h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:57 – 04:42
अभिजीत मुहूर्त
11:24 – 12:15

अशुभ समय

राहुकाल
08:38 – 10:14
यमगंड
13:25 – 15:01
गुलिक काल
05:27 – 07:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:2706:31दिन
गुरु06:3107:35दिन
मंगल07:3508:38दिन
सूर्य08:3809:42दिन
शुक्र09:4210:46दिन
बुध10:4611:50दिन
चंद्र11:5012:53दिन
शनि12:5313:57दिन
गुरु13:5715:01दिन
मंगल15:0116:04दिन
सूर्य16:0417:08दिन
शुक्र17:0818:12दिन
बुध18:1219:08रात
चंद्र19:0820:04रात
शनि20:0421:01रात
गुरु21:0121:57रात
मंगल21:5722:53रात
सूर्य22:5323:49रात
शुक्र23:4900:46रात
बुध00:4601:42रात
चंद्र01:4202:38रात
शनि02:3803:34रात
गुरु03:3404:30रात
मंगल04:3005:27रात

अयनांश 24.2318° (लाहिड़ी)। समय सुवा (Pacific/Fiji) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।