4 अप्रैल 2025 को ठाणे का चौघड़िया

शुक्रवार, 4 अप्रैल 2025, ठाणे, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 4 अप्रैल 2025 को ठाणे में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (20:13 तक), नक्षत्र आर्द्रा (05:20, 5 अप्रैल तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:29 पर और सूर्यास्त 18:52 पर है। राहुकाल 11:08 से 12:41 तक है।

दिन और रात
दिन 06:29 – 18:52
रात 06:28 तक
तिथि
सप्तमी, 20:13 तक
अष्टमी
नक्षत्र
आर्द्रा, 05:20 तक
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:29 – 08:02सामान्य
लाभ08:02 – 09:35शुभ
अमृत09:35 – 11:08शुभ
काल11:08 – 12:41टालें
शुभ12:41 – 14:14शुभ
रोग14:14 – 15:47टालें
उद्वेग15:47 – 17:19टालें
चर17:19 – 18:52सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:52 – 20:19टालें
काल20:19 – 21:46टालें
लाभ21:46 – 23:13शुभ
उद्वेग23:13 – 00:40टालें
शुभ00:40 – 02:07शुभ
अमृत02:07 – 03:34शुभ
चर03:34 – 05:01सामान्य
रोग05:01 – 06:28टालें

4 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 20:13 तक
शुक्ल अष्टमी 19:26, 5 अप्रैल तक
नक्षत्र
आर्द्रा 05:20, 5 अप्रैल तक
पुनर्वसु 05:32, 6 अप्रैल तक
योग
शोभन 21:45 तक
अतिगंडअशुभ 20:03, 5 अप्रैल तक
करण
गर 08:52 तक
वणिज 20:13 तक
विष्टि (भद्रा) 07:44, 5 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:29
सूर्यास्त
18:52
चंद्रोदय
11:22
चंद्रास्त
00:21
दिनमान
12h 23m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:56 – 05:43
अभिजीत मुहूर्त
12:16 – 13:06

अशुभ समय

राहुकाल
11:08 – 12:41
यमगंड
15:47 – 17:19
गुलिक काल
08:02 – 09:35

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:2907:31दिन
बुध07:3108:33दिन
चंद्र08:3309:35दिन
शनि09:3510:37दिन
गुरु10:3711:39दिन
मंगल11:3912:41दिन
सूर्य12:4113:43दिन
शुक्र13:4314:45दिन
बुध14:4515:47दिन
चंद्र15:4716:48दिन
शनि16:4817:50दिन
गुरु17:5018:52दिन
मंगल18:5219:50रात
सूर्य19:5020:48रात
शुक्र20:4821:46रात
बुध21:4622:44रात
चंद्र22:4423:42रात
शनि23:4200:40रात
गुरु00:4001:38रात
मंगल01:3802:36रात
सूर्य02:3603:34रात
शुक्र03:3404:32रात
बुध04:3205:30रात
चंद्र05:3006:28रात

अयनांश 24.2099° (लाहिड़ी)। समय ठाणे (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।