27 मई 2028 को वाराणसी का चौघड़िया

शनिवार, 27 मई 2028, वाराणसी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 27 मई 2028 को वाराणसी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (10:08 तक), नक्षत्र आर्द्रा (13:18 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 05:08 पर और सूर्यास्त 18:42 पर है। राहुकाल 08:32 से 10:13 तक है।

दिन और रात
दिन 05:08 – 18:42
रात 05:08 तक
तिथि
तृतीया, 10:08 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
आर्द्रा, 13:18 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 मई 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:08 – 06:50टालें
शुभ06:50 – 08:32शुभ
रोग08:32 – 10:13टालें
उद्वेग10:13 – 11:55टालें
चर11:55 – 13:37सामान्य
लाभ13:37 – 15:18शुभ
अमृत15:18 – 17:00शुभ
काल17:00 – 18:42टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:42 – 20:00शुभ
उद्वेग20:00 – 21:18टालें
शुभ21:18 – 22:37शुभ
अमृत22:37 – 23:55शुभ
चर23:55 – 01:13सामान्य
रोग01:13 – 02:31टालें
काल02:31 – 03:50टालें
लाभ03:50 – 05:08शुभ

27 मई 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 10:08 तक
शुक्ल चतुर्थी 08:22, 28 मई तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 12:17, 28 मई तक
योग
शूलअशुभ 09:35 तक
गंडअशुभ 07:06, 28 मई तक
करण
गर 10:08 तक
वणिज 21:17 तक
विष्टि (भद्रा) 08:22, 28 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:08
सूर्यास्त
18:42
चंद्रोदय
07:37
चंद्रास्त
21:42
दिनमान
13h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:45 – 04:26
अभिजीत मुहूर्त
11:28 – 12:22

अशुभ समय

राहुकाल
08:32 – 10:13
यमगंड
13:37 – 15:18
गुलिक काल
05:08 – 06:50

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:0806:16दिन
गुरु06:1607:24दिन
मंगल07:2408:32दिन
सूर्य08:3209:39दिन
शुक्र09:3910:47दिन
बुध10:4711:55दिन
चंद्र11:5513:03दिन
शनि13:0314:11दिन
गुरु14:1115:18दिन
मंगल15:1816:26दिन
सूर्य16:2617:34दिन
शुक्र17:3418:42दिन
बुध18:4219:34रात
चंद्र19:3420:26रात
शनि20:2621:18रात
गुरु21:1822:10रात
मंगल22:1023:03रात
सूर्य23:0323:55रात
शुक्र23:5500:47रात
बुध00:4701:39रात
चंद्र01:3902:31रात
शनि02:3103:24रात
गुरु03:2404:16रात
मंगल04:1605:08रात

अयनांश 24.2538° (लाहिड़ी)। समय वाराणसी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।