17 अगस्त 2028 को वाराणसी का चौघड़िया

गुरुवार, 17 अगस्त 2028, वाराणसी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 17 अगस्त 2028 को वाराणसी में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (01:43, 18 अग॰ तक), नक्षत्र आर्द्रा (17:00 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:32 पर और सूर्यास्त 18:31 पर है। राहुकाल 13:39 से 15:16 तक है।

दिन और रात
दिन 05:32 – 18:31
रात 05:33 तक
तिथि
द्वादशी, 01:43 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
आर्द्रा, 17:00 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:32 – 07:09शुभ
रोग07:09 – 08:47टालें
उद्वेग08:47 – 10:24टालें
चर10:24 – 12:01सामान्य
लाभ12:01 – 13:39शुभ
अमृत13:39 – 15:16शुभ
काल15:16 – 16:53टालें
शुभ16:53 – 18:31शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:31 – 19:53शुभ
चर19:53 – 21:16सामान्य
रोग21:16 – 22:39टालें
काल22:39 – 00:02टालें
लाभ00:02 – 01:24शुभ
उद्वेग01:24 – 02:47टालें
शुभ02:47 – 04:10शुभ
अमृत04:10 – 05:33शुभ

17 अगस्त 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 01:43, 18 अग॰ तक
कृष्ण त्रयोदशी 23:00, 18 अग॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 15:18, 18 अग॰ तक
योग
वज्रअशुभ 15:42 तक
सिद्धि 12:38, 18 अग॰ तक
करण
कौलव 14:51 तक
तैतिल 01:43, 18 अग॰ तक
गर 12:26, 18 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:32
सूर्यास्त
18:31
चंद्रोदय
01:48
चंद्रास्त
15:59
दिनमान
12h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:04 – 04:48
अभिजीत मुहूर्त
11:35 – 12:27

अशुभ समय

राहुकाल
13:39 – 15:16
यमगंड
05:32 – 07:09
गुलिक काल
08:47 – 10:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:3206:37दिन
मंगल06:3707:42दिन
सूर्य07:4208:47दिन
शुक्र08:4709:52दिन
बुध09:5210:57दिन
चंद्र10:5712:01दिन
शनि12:0113:06दिन
गुरु13:0614:11दिन
मंगल14:1115:16दिन
सूर्य15:1616:21दिन
शुक्र16:2117:26दिन
बुध17:2618:31दिन
चंद्र18:3119:26रात
शनि19:2620:21रात
गुरु20:2121:16रात
मंगल21:1622:11रात
सूर्य22:1123:06रात
शुक्र23:0600:02रात
बुध00:0200:57रात
चंद्र00:5701:52रात
शनि01:5202:47रात
गुरु02:4703:42रात
मंगल03:4204:37रात
सूर्य04:3705:33रात

अयनांश 24.2569° (लाहिड़ी)। समय वाराणसी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।