9 फ़रवरी 2029 को वाराणसी का चौघड़िया

शुक्रवार, 9 फ़रवरी 2029, वाराणसी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 9 फ़रवरी 2029 को वाराणसी में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (12:34 तक), नक्षत्र मूल (21:26 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:36 पर और सूर्यास्त 17:48 पर है। राहुकाल 10:48 से 12:12 तक है।

दिन और रात
दिन 06:36 – 17:48
रात 06:36 तक
तिथि
एकादशी, 12:34 तक
द्वादशी
नक्षत्र
मूल, 21:26 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 फ़रवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:36 – 08:00सामान्य
लाभ08:00 – 09:24शुभ
अमृत09:24 – 10:48शुभ
काल10:48 – 12:12टालें
शुभ12:12 – 13:36शुभ
रोग13:36 – 15:00टालें
उद्वेग15:00 – 16:24टालें
चर16:24 – 17:48सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:48 – 19:24टालें
काल19:24 – 21:00टालें
लाभ21:00 – 22:36शुभ
उद्वेग22:36 – 00:12टालें
शुभ00:12 – 01:48शुभ
अमृत01:48 – 03:24शुभ
चर03:24 – 05:00सामान्य
रोग05:00 – 06:36टालें

9 फ़रवरी 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 12:34 तक
कृष्ण द्वादशी 12:49, 10 फ़र॰ तक
नक्षत्र
मूल 21:26 तक
पूर्वाषाढ़ा 22:25, 10 फ़र॰ तक
योग
हर्षण 15:16 तक
वज्रअशुभ 14:19, 10 फ़र॰ तक
करण
बालव 12:34 तक
कौलव 00:38, 10 फ़र॰ तक
तैतिल 12:49, 10 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:36
सूर्यास्त
17:48
चंद्रोदय
03:22
चंद्रास्त
14:05
दिनमान
11h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:54 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:34

अशुभ समय

राहुकाल
10:48 – 12:12
यमगंड
15:00 – 16:24
गुलिक काल
08:00 – 09:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3607:32दिन
बुध07:3208:28दिन
चंद्र08:2809:24दिन
शनि09:2410:20दिन
गुरु10:2011:16दिन
मंगल11:1612:12दिन
सूर्य12:1213:08दिन
शुक्र13:0814:04दिन
बुध14:0415:00दिन
चंद्र15:0015:56दिन
शनि15:5616:52दिन
गुरु16:5217:48दिन
मंगल17:4818:52रात
सूर्य18:5219:56रात
शुक्र19:5621:00रात
बुध21:0022:04रात
चंद्र22:0423:08रात
शनि23:0800:12रात
गुरु00:1201:16रात
मंगल01:1602:20रात
सूर्य02:2003:24रात
शुक्र03:2404:28रात
बुध04:2805:32रात
चंद्र05:3206:36रात

अयनांश 24.2637° (लाहिड़ी)। समय वाराणसी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।