29 सितंबर 2025 को वेल्लोर का चौघड़िया

सोमवार, 29 सितंबर 2025, वेल्लोर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 29 सितंबर 2025 को वेल्लोर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (16:32 तक), नक्षत्र मूल (06:17, 30 सित॰ तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:02 पर और सूर्यास्त 18:04 पर है। राहुकाल 07:32 से 09:03 तक है।

दिन और रात
दिन 06:02 – 18:04
रात 06:02 तक
तिथि
सप्तमी, 16:32 तक
अष्टमी
नक्षत्र
मूल
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:02 – 07:32शुभ
काल07:32 – 09:03टालें
शुभ09:03 – 10:33शुभ
रोग10:33 – 12:03टालें
उद्वेग12:03 – 13:33टालें
चर13:33 – 15:04सामान्य
लाभ15:04 – 16:34शुभ
अमृत16:34 – 18:04शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:04 – 19:34सामान्य
रोग19:34 – 21:04टालें
काल21:04 – 22:33टालें
लाभ22:33 – 00:03शुभ
उद्वेग00:03 – 01:33टालें
शुभ01:33 – 03:03शुभ
अमृत03:03 – 04:32शुभ
चर04:32 – 06:02सामान्य

29 सितंबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 16:32 तक
शुक्ल अष्टमी 18:06, 30 सित॰ तक
नक्षत्र
मूल 06:17, 30 सित॰ तक
योग
सौभाग्य 01:00, 30 सित॰ तक
शोभन 01:03, 1 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 16:32 तक
विष्टि (भद्रा) 05:23, 30 सित॰ तक
बव 18:06, 30 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:02
सूर्यास्त
18:04
चंद्रोदय
12:01
चंद्रास्त
23:27
दिनमान
12h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:27 – 05:14
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:27

अशुभ समय

राहुकाल
07:32 – 09:03
यमगंड
10:33 – 12:03
गुलिक काल
13:33 – 15:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:0207:02दिन
शनि07:0208:03दिन
गुरु08:0309:03दिन
मंगल09:0310:03दिन
सूर्य10:0311:03दिन
शुक्र11:0312:03दिन
बुध12:0313:03दिन
चंद्र13:0314:04दिन
शनि14:0415:04दिन
गुरु15:0416:04दिन
मंगल16:0417:04दिन
सूर्य17:0418:04दिन
शुक्र18:0419:04रात
बुध19:0420:04रात
चंद्र20:0421:04रात
शनि21:0422:04रात
गुरु22:0423:03रात
मंगल23:0300:03रात
सूर्य00:0301:03रात
शुक्र01:0302:03रात
बुध02:0303:03रात
चंद्र03:0304:03रात
शनि04:0305:02रात
गुरु05:0206:02रात

अयनांश 24.2167° (लाहिड़ी)। समय वेल्लोर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।