31 मार्च 2026 को वेल्लोर का चौघड़िया

मंगलवार, 31 मार्च 2026, वेल्लोर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 31 मार्च 2026 को वेल्लोर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (06:56 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (15:21 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:10 पर और सूर्यास्त 18:24 पर है। राहुकाल 15:21 से 16:53 तक है।

दिन और रात
दिन 06:10 – 18:24
रात 06:09 तक
तिथि
चतुर्दशी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 15:21 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:10 – 07:42टालें
उद्वेग07:42 – 09:14टालें
चर09:14 – 10:45सामान्य
लाभ10:45 – 12:17शुभ
अमृत12:17 – 13:49शुभ
काल13:49 – 15:21टालें
शुभ15:21 – 16:53शुभ
रोग16:53 – 18:24टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:24 – 19:53टालें
लाभ19:53 – 21:21शुभ
उद्वेग21:21 – 22:49टालें
शुभ22:49 – 00:17शुभ
अमृत00:17 – 01:45शुभ
चर01:45 – 03:13सामान्य
रोग03:13 – 04:41टालें
काल04:41 – 06:09टालें

31 मार्च 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 06:56 तक
शुक्ल चतुर्दशी 07:06, 1 अप्रैल तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 16:17, 1 अप्रैल तक
योग
गंडअशुभ 15:41 तक
वृद्धि 14:50, 1 अप्रैल तक
करण
तैतिल 06:56 तक
गर 18:58 तक
वणिज 07:06, 1 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सिंह 21:32 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:10
सूर्यास्त
18:24
चंद्रोदय
17:04
चंद्रास्त
04:48
दिनमान
12h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:36 – 05:23
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:42

अशुभ समय

राहुकाल
15:21 – 16:53
यमगंड
09:14 – 10:45
गुलिक काल
12:17 – 13:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:1007:11दिन
सूर्य07:1108:12दिन
शुक्र08:1209:14दिन
बुध09:1410:15दिन
चंद्र10:1511:16दिन
शनि11:1612:17दिन
गुरु12:1713:18दिन
मंगल13:1814:20दिन
सूर्य14:2015:21दिन
शुक्र15:2116:22दिन
बुध16:2217:23दिन
चंद्र17:2318:24दिन
शनि18:2419:23रात
गुरु19:2320:22रात
मंगल20:2221:21रात
सूर्य21:2122:19रात
शुक्र22:1923:18रात
बुध23:1800:17रात
चंद्र00:1701:16रात
शनि01:1602:14रात
गुरु02:1403:13रात
मंगल03:1304:12रात
सूर्य04:1205:11रात
शुक्र05:1106:09रात

अयनांश 24.2237° (लाहिड़ी)। समय वेल्लोर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।