27 जनवरी 2025 को वृंदावन का चौघड़िया

सोमवार, 27 जनवरी 2025, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 27 जनवरी 2025 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (20:35 तक), नक्षत्र मूल (09:02 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 07:07 पर और सूर्यास्त 17:56 पर है। राहुकाल 08:28 से 09:50 तक है।

दिन और रात
दिन 07:07 – 17:56
रात 07:07 तक
तिथि
त्रयोदशी, 20:35 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:07 – 08:28शुभ
काल08:28 – 09:50टालें
शुभ09:50 – 11:11शुभ
रोग11:11 – 12:32टालें
उद्वेग12:32 – 13:53टालें
चर13:53 – 15:14सामान्य
लाभ15:14 – 16:35शुभ
अमृत16:35 – 17:56शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:56 – 19:35सामान्य
रोग19:35 – 21:14टालें
काल21:14 – 22:52टालें
लाभ22:52 – 00:31शुभ
उद्वेग00:31 – 02:10टालें
शुभ02:10 – 03:49शुभ
अमृत03:49 – 05:28शुभ
चर05:28 – 07:07सामान्य

27 जनवरी 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 20:35 तक
कृष्ण चतुर्दशी 19:36, 28 जन॰ तक
नक्षत्र
मूल 09:02 तक
पूर्वाषाढ़ा 08:58, 28 जन॰ तक
योग
हर्षण 01:57, 28 जन॰ तक
वज्रअशुभ 23:51, 28 जन॰ तक
करण
गर 08:50 तक
वणिज 20:35 तक
विष्टि (भद्रा) 08:10, 28 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:07
सूर्यास्त
17:56
चंद्रोदय
05:24
चंद्रास्त
15:36
दिनमान
10h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:22 – 06:15
अभिजीत मुहूर्त
12:10 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
08:28 – 09:50
यमगंड
11:11 – 12:32
गुलिक काल
13:53 – 15:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:0708:01दिन
शनि08:0108:56दिन
गुरु08:5609:50दिन
मंगल09:5010:44दिन
सूर्य10:4411:38दिन
शुक्र11:3812:32दिन
बुध12:3213:26दिन
चंद्र13:2614:20दिन
शनि14:2015:14दिन
गुरु15:1416:08दिन
मंगल16:0817:02दिन
सूर्य17:0217:56दिन
शुक्र17:5619:02रात
बुध19:0220:08रात
चंद्र20:0821:14रात
शनि21:1422:19रात
गुरु22:1923:25रात
मंगल23:2500:31रात
सूर्य00:3101:37रात
शुक्र01:3702:43रात
बुध02:4303:49रात
चंद्र03:4904:55रात
शनि04:5506:01रात
गुरु06:0107:07रात

अयनांश 24.2073° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।