13 अक्टूबर 2025 को वृंदावन का चौघड़िया

सोमवार, 13 अक्टूबर 2025, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 13 अक्टूबर 2025 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (12:24 तक), नक्षत्र आर्द्रा (12:27 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:18 पर और सूर्यास्त 17:52 पर है। राहुकाल 07:44 से 09:11 तक है।

दिन और रात
दिन 06:18 – 17:52
रात 06:18 तक
तिथि
सप्तमी, 12:24 तक
अष्टमी
नक्षत्र
आर्द्रा, 12:27 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:18 – 07:44शुभ
काल07:44 – 09:11टालें
शुभ09:11 – 10:38शुभ
रोग10:38 – 12:05टालें
उद्वेग12:05 – 13:32टालें
चर13:32 – 14:58सामान्य
लाभ14:58 – 16:25शुभ
अमृत16:25 – 17:52शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:52 – 19:25सामान्य
रोग19:25 – 20:58टालें
काल20:58 – 22:32टालें
लाभ22:32 – 00:05शुभ
उद्वेग00:05 – 01:38टालें
शुभ01:38 – 03:12शुभ
अमृत03:12 – 04:45शुभ
चर04:45 – 06:18सामान्य

13 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 12:24 तक
कृष्ण अष्टमी 11:10, 14 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 11:54, 14 अक्टू॰ तक
योग
परिघअशुभ 08:10 तक
शिव 05:55, 14 अक्टू॰ तक
सिद्ध 04:11, 15 अक्टू॰ तक
करण
बव 12:24 तक
बालव 23:42 तक
कौलव 11:10, 14 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 05:59, 14 अक्टू॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:18
सूर्यास्त
17:52
चंद्रोदय
23:21
चंद्रास्त
12:57
दिनमान
11h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:38 – 05:28
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:28

अशुभ समय

राहुकाल
07:44 – 09:11
यमगंड
10:38 – 12:05
गुलिक काल
13:32 – 14:58

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:1807:15दिन
शनि07:1508:13दिन
गुरु08:1309:11दिन
मंगल09:1110:09दिन
सूर्य10:0911:07दिन
शुक्र11:0712:05दिन
बुध12:0513:03दिन
चंद्र13:0314:00दिन
शनि14:0014:58दिन
गुरु14:5815:56दिन
मंगल15:5616:54दिन
सूर्य16:5417:52दिन
शुक्र17:5218:54रात
बुध18:5419:56रात
चंद्र19:5620:58रात
शनि20:5822:01रात
गुरु22:0123:03रात
मंगल23:0300:05रात
सूर्य00:0501:07रात
शुक्र01:0702:09रात
बुध02:0903:12रात
चंद्र03:1204:14रात
शनि04:1405:16रात
गुरु05:1606:18रात

अयनांश 24.2172° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।