8 जनवरी 2026 को वृंदावन का चौघड़िया

गुरुवार, 8 जनवरी 2026, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 8 जनवरी 2026 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (07:05, 9 जन॰ तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (12:24 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 07:10 पर और सूर्यास्त 17:40 पर है। राहुकाल 13:44 से 15:03 तक है।

दिन और रात
दिन 07:10 – 17:40
रात 07:11 तक
तिथि
षष्ठी, 07:05 तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 12:24 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:10 – 08:29शुभ
रोग08:29 – 09:48टालें
उद्वेग09:48 – 11:07टालें
चर11:07 – 12:25सामान्य
लाभ12:25 – 13:44शुभ
अमृत13:44 – 15:03शुभ
काल15:03 – 16:22टालें
शुभ16:22 – 17:40शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:40 – 19:22शुभ
चर19:22 – 21:03सामान्य
रोग21:03 – 22:44टालें
काल22:44 – 00:25टालें
लाभ00:25 – 02:07शुभ
उद्वेग02:07 – 03:48टालें
शुभ03:48 – 05:29शुभ
अमृत05:29 – 07:11शुभ

8 जनवरी 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 07:05, 9 जन॰ तक
कृष्ण सप्तमी 08:24, 10 जन॰ तक
नक्षत्र
योग
सौभाग्य 17:25 तक
शोभन 16:55, 9 जन॰ तक
करण
गर 18:43 तक
वणिज 07:05, 9 जन॰ तक
विष्टि (भद्रा) 19:39, 9 जन॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 18:39 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:10
सूर्यास्त
17:40
चंद्रोदय
22:51
चंद्रास्त
10:35
दिनमान
10h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:22 – 06:16
अभिजीत मुहूर्त
12:04 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
13:44 – 15:03
यमगंड
07:10 – 08:29
गुलिक काल
09:48 – 11:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:1008:03दिन
मंगल08:0308:55दिन
सूर्य08:5509:48दिन
शुक्र09:4810:40दिन
बुध10:4011:33दिन
चंद्र11:3312:25दिन
शनि12:2513:18दिन
गुरु13:1814:10दिन
मंगल14:1015:03दिन
सूर्य15:0315:55दिन
शुक्र15:5516:48दिन
बुध16:4817:40दिन
चंद्र17:4018:48रात
शनि18:4819:55रात
गुरु19:5521:03रात
मंगल21:0322:10रात
सूर्य22:1023:18रात
शुक्र23:1800:25रात
बुध00:2501:33रात
चंद्र01:3302:40रात
शनि02:4003:48रात
गुरु03:4804:55रात
मंगल04:5506:03रात
सूर्य06:0307:11रात

अयनांश 24.2205° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।