13 नवंबर 2026 को वृंदावन का चौघड़िया

शुक्रवार, 13 नवंबर 2026, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 13 नवंबर 2026 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (20:43 तक), नक्षत्र मूल (17:17 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:38 पर और सूर्यास्त 17:28 पर है। राहुकाल 10:42 से 12:03 तक है।

दिन और रात
दिन 06:38 – 17:28
रात 06:39 तक
तिथि
चतुर्थी, 20:43 तक
पंचमी
नक्षत्र
मूल, 17:17 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:38 – 07:59सामान्य
लाभ07:59 – 09:20शुभ
अमृत09:20 – 10:42शुभ
काल10:42 – 12:03टालें
शुभ12:03 – 13:24शुभ
रोग13:24 – 14:45टालें
उद्वेग14:45 – 16:07टालें
चर16:07 – 17:28सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:28 – 19:07टालें
काल19:07 – 20:46टालें
लाभ20:46 – 22:24शुभ
उद्वेग22:24 – 00:03टालें
शुभ00:03 – 01:42शुभ
अमृत01:42 – 03:21शुभ
चर03:21 – 05:00सामान्य
रोग05:00 – 06:39टालें

13 नवंबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 20:43 तक
शुक्ल पंचमी 23:24, 14 नव॰ तक
नक्षत्र
मूल 17:17 तक
पूर्वाषाढ़ा 20:24, 14 नव॰ तक
योग
धृति 05:23, 14 नव॰ तक
शूलअशुभ 06:22, 15 नव॰ तक
करण
वणिज 07:24 तक
विष्टि (भद्रा) 20:43 तक
बव 10:03, 14 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:38
सूर्यास्त
17:28
चंद्रोदय
10:11
चंद्रास्त
20:27
दिनमान
10h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:53 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:24

अशुभ समय

राहुकाल
10:42 – 12:03
यमगंड
14:45 – 16:07
गुलिक काल
07:59 – 09:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3807:32दिन
बुध07:3208:26दिन
चंद्र08:2609:20दिन
शनि09:2010:14दिन
गुरु10:1411:09दिन
मंगल11:0912:03दिन
सूर्य12:0312:57दिन
शुक्र12:5713:51दिन
बुध13:5114:45दिन
चंद्र14:4515:39दिन
शनि15:3916:34दिन
गुरु16:3417:28दिन
मंगल17:2818:34रात
सूर्य18:3419:40रात
शुक्र19:4020:46रात
बुध20:4621:51रात
चंद्र21:5122:57रात
शनि22:5700:03रात
गुरु00:0301:09रात
मंगल01:0902:15रात
सूर्य02:1503:21रात
शुक्र03:2104:27रात
बुध04:2705:33रात
चंद्र05:3306:39रात

अयनांश 24.2324° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।