3 फ़रवरी 2027 को वृंदावन का चौघड़िया

बुधवार, 3 फ़रवरी 2027, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 3 फ़रवरी 2027 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (13:50 तक), नक्षत्र मूल (12:26 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 07:04 पर और सूर्यास्त 18:01 पर है। राहुकाल 12:33 से 13:55 तक है।

दिन और रात
दिन 07:04 – 18:01
रात 07:04 तक
तिथि
द्वादशी, 13:50 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
मूल, 12:26 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 फ़रवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:04 – 08:26शुभ
अमृत08:26 – 09:48शुभ
काल09:48 – 11:11टालें
शुभ11:11 – 12:33शुभ
रोग12:33 – 13:55टालें
उद्वेग13:55 – 15:17टालें
चर15:17 – 16:39सामान्य
लाभ16:39 – 18:01शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:01 – 19:39टालें
शुभ19:39 – 21:17शुभ
अमृत21:17 – 22:54शुभ
चर22:54 – 00:32सामान्य
रोग00:32 – 02:10टालें
काल02:10 – 03:48टालें
लाभ03:48 – 05:26शुभ
उद्वेग05:26 – 07:04टालें

3 फ़रवरी 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 13:50 तक
कृष्ण त्रयोदशी 16:31, 4 फ़र॰ तक
नक्षत्र
मूल 12:26 तक
पूर्वाषाढ़ा 15:32, 4 फ़र॰ तक
योग
हर्षण 18:44 तक
वज्रअशुभ 19:41, 4 फ़र॰ तक
करण
तैतिल 13:50 तक
गर 03:11, 4 फ़र॰ तक
वणिज 16:31, 4 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:04
सूर्यास्त
18:01
चंद्रोदय
04:47
चंद्रास्त
15:04
दिनमान
10h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:20 – 06:12
अभिजीत मुहूर्त
12:11 – 12:54 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:33 – 13:55
यमगंड
08:26 – 09:48
गुलिक काल
11:11 – 12:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:0407:59दिन
चंद्र07:5908:54दिन
शनि08:5409:48दिन
गुरु09:4810:43दिन
मंगल10:4311:38दिन
सूर्य11:3812:33दिन
शुक्र12:3313:27दिन
बुध13:2714:22दिन
चंद्र14:2215:17दिन
शनि15:1716:11दिन
गुरु16:1117:06दिन
मंगल17:0618:01दिन
सूर्य18:0119:06रात
शुक्र19:0620:11रात
बुध20:1121:17रात
चंद्र21:1722:22रात
शनि22:2223:27रात
गुरु23:2700:32रात
मंगल00:3201:38रात
सूर्य01:3802:43रात
शुक्र02:4303:48रात
बुध03:4804:53रात
चंद्र04:5305:59रात
शनि05:5907:04रात

अयनांश 24.2355° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।