27 दिसंबर 2027 को वृंदावन का चौघड़िया

सोमवार, 27 दिसंबर 2027, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 27 दिसंबर 2027 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (01:42, 28 दिस॰ तक), नक्षत्र मूल (05:07, 28 दिस॰ तक) और योग गंड है। सूर्योदय 07:07 पर और सूर्यास्त 17:32 पर है। राहुकाल 08:25 से 09:43 तक है।

दिन और रात
दिन 07:07 – 17:32
रात 07:08 तक
तिथि
अमावस्या, 01:42 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
मूल, 05:07 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 दिसंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:07 – 08:25शुभ
काल08:25 – 09:43टालें
शुभ09:43 – 11:01शुभ
रोग11:01 – 12:20टालें
उद्वेग12:20 – 13:38टालें
चर13:38 – 14:56सामान्य
लाभ14:56 – 16:14शुभ
अमृत16:14 – 17:32शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:32 – 19:14सामान्य
रोग19:14 – 20:56टालें
काल20:56 – 22:38टालें
लाभ22:38 – 00:20शुभ
उद्वेग00:20 – 02:02टालें
शुभ02:02 – 03:44शुभ
अमृत03:44 – 05:26शुभ
चर05:26 – 07:08सामान्य

27 दिसंबर 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
अमावस्या 01:42, 28 दिस॰ तक
शुक्ल प्रतिपदा 03:28, 29 दिस॰ तक
नक्षत्र
मूल 05:07, 28 दिस॰ तक
पूर्वाषाढ़ा 07:25, 29 दिस॰ तक
योग
गंडअशुभ 08:03 तक
वृद्धि 08:01, 28 दिस॰ तक
करण
चतुष्पद 12:59 तक
नाग 01:42, 28 दिस॰ तक
किंस्तुघ्न 14:32, 28 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:07
सूर्यास्त
17:32
चंद्रोदय
06:41
चंद्रास्त
17:02
दिनमान
10h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:18 – 06:13
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
08:25 – 09:43
यमगंड
11:01 – 12:20
गुलिक काल
13:38 – 14:56

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:0707:59दिन
शनि07:5908:51दिन
गुरु08:5109:43दिन
मंगल09:4310:35दिन
सूर्य10:3511:28दिन
शुक्र11:2812:20दिन
बुध12:2013:12दिन
चंद्र13:1214:04दिन
शनि14:0414:56दिन
गुरु14:5615:48दिन
मंगल15:4816:40दिन
सूर्य16:4017:32दिन
शुक्र17:3218:40रात
बुध18:4019:48रात
चंद्र19:4820:56रात
शनि20:5622:04रात
गुरु22:0423:12रात
मंगल23:1200:20रात
सूर्य00:2001:28रात
शुक्र01:2802:36रात
बुध02:3603:44रात
चंद्र03:4404:52रात
शनि04:5206:00रात
गुरु06:0007:08रात

अयनांश 24.2480° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।