7 अप्रैल 2028 को वृंदावन का चौघड़िया

शुक्रवार, 7 अप्रैल 2028, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 7 अप्रैल 2028 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (22:33 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (16:57 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:02 पर और सूर्यास्त 18:39 पर है। राहुकाल 10:46 से 12:21 तक है।

दिन और रात
दिन 06:02 – 18:39
रात 06:01 तक
तिथि
त्रयोदशी, 22:33 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 16:57 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:02 – 07:37सामान्य
लाभ07:37 – 09:12शुभ
अमृत09:12 – 10:46शुभ
काल10:46 – 12:21टालें
शुभ12:21 – 13:56शुभ
रोग13:56 – 15:30टालें
उद्वेग15:30 – 17:05टालें
चर17:05 – 18:39सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:39 – 20:05टालें
काल20:05 – 21:30टालें
लाभ21:30 – 22:55शुभ
उद्वेग22:55 – 00:20टालें
शुभ00:20 – 01:46शुभ
अमृत01:46 – 03:11शुभ
चर03:11 – 04:36सामान्य
रोग04:36 – 06:01टालें

7 अप्रैल 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 22:33 तक
शुक्ल चतुर्दशी 19:11, 8 अप्रैल तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 14:23, 8 अप्रैल तक
योग
वृद्धि 02:08, 8 अप्रैल तक
ध्रुव 22:14, 8 अप्रैल तक
करण
कौलव 12:13 तक
तैतिल 22:33 तक
गर 08:52, 8 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सिंह 22:19 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:02
सूर्यास्त
18:39
चंद्रोदय
16:34
चंद्रास्त
04:14
दिनमान
12h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:31 – 05:17
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
10:46 – 12:21
यमगंड
15:30 – 17:05
गुलिक काल
07:37 – 09:12

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:0207:06दिन
बुध07:0608:09दिन
चंद्र08:0909:12दिन
शनि09:1210:15दिन
गुरु10:1511:18दिन
मंगल11:1812:21दिन
सूर्य12:2113:24दिन
शुक्र13:2414:27दिन
बुध14:2715:30दिन
चंद्र15:3016:33दिन
शनि16:3317:36दिन
गुरु17:3618:39दिन
मंगल18:3919:36रात
सूर्य19:3620:33रात
शुक्र20:3321:30रात
बुध21:3022:27रात
चंद्र22:2723:24रात
शनि23:2400:20रात
गुरु00:2001:17रात
मंगल01:1702:14रात
सूर्य02:1403:11रात
शुक्र03:1104:08रात
बुध04:0805:05रात
चंद्र05:0506:01रात

अयनांश 24.2519° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।