23 अक्टूबर 2028 को वृंदावन का चौघड़िया

सोमवार, 23 अक्टूबर 2028, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 23 अक्टूबर 2028 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (20:53 तक), नक्षत्र मूल (11:16 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:24 पर और सूर्यास्त 17:42 पर है। राहुकाल 07:48 से 09:13 तक है।

दिन और रात
दिन 06:24 – 17:42
रात 06:24 तक
तिथि
षष्ठी, 20:53 तक
सप्तमी
नक्षत्र
मूल, 11:16 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:24 – 07:48शुभ
काल07:48 – 09:13टालें
शुभ09:13 – 10:38शुभ
रोग10:38 – 12:03टालें
उद्वेग12:03 – 13:28टालें
चर13:28 – 14:52सामान्य
लाभ14:52 – 16:17शुभ
अमृत16:17 – 17:42शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:42 – 19:17सामान्य
रोग19:17 – 20:53टालें
काल20:53 – 22:28टालें
लाभ22:28 – 00:03शुभ
उद्वेग00:03 – 01:38टालें
शुभ01:38 – 03:14शुभ
अमृत03:14 – 04:49शुभ
चर04:49 – 06:24सामान्य

23 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 20:53 तक
शुक्ल सप्तमी 21:41, 24 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मूल 11:16 तक
पूर्वाषाढ़ा 12:22, 24 अक्टू॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 12:16 तक
सुकर्मा 11:32, 24 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 08:47 तक
तैतिल 20:53 तक
गर 09:11, 24 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:24
सूर्यास्त
17:42
चंद्रोदय
11:39
चंद्रास्त
22:15
दिनमान
11h 18m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:42 – 05:33
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:25

अशुभ समय

राहुकाल
07:48 – 09:13
यमगंड
10:38 – 12:03
गुलिक काल
13:28 – 14:52

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:2407:20दिन
शनि07:2008:17दिन
गुरु08:1709:13दिन
मंगल09:1310:10दिन
सूर्य10:1011:06दिन
शुक्र11:0612:03दिन
बुध12:0312:59दिन
चंद्र12:5913:56दिन
शनि13:5614:52दिन
गुरु14:5215:49दिन
मंगल15:4916:45दिन
सूर्य16:4517:42दिन
शुक्र17:4218:46रात
बुध18:4619:49रात
चंद्र19:4920:53रात
शनि20:5321:56रात
गुरु21:5623:00रात
मंगल23:0000:03रात
सूर्य00:0301:07रात
शुक्र01:0702:10रात
बुध02:1003:14रात
चंद्र03:1404:17रात
शनि04:1705:21रात
गुरु05:2106:24रात

अयनांश 24.2595° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।