7 नवंबर 2028 को वृंदावन का चौघड़िया

मंगलवार, 7 नवंबर 2028, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 7 नवंबर 2028 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (17:29 तक), नक्षत्र आर्द्रा (15:03 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:34 पर और सूर्यास्त 17:31 पर है। राहुकाल 14:47 से 16:09 तक है।

दिन और रात
दिन 06:34 – 17:31
रात 06:34 तक
तिथि
पंचमी, 17:29 तक
षष्ठी
नक्षत्र
आर्द्रा, 15:03 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 नवंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:34 – 07:56टालें
उद्वेग07:56 – 09:18टालें
चर09:18 – 10:40सामान्य
लाभ10:40 – 12:02शुभ
अमृत12:02 – 13:24शुभ
काल13:24 – 14:47टालें
शुभ14:47 – 16:09शुभ
रोग16:09 – 17:31टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:31 – 19:09टालें
लाभ19:09 – 20:47शुभ
उद्वेग20:47 – 22:25टालें
शुभ22:25 – 00:03शुभ
अमृत00:03 – 01:41शुभ
चर01:41 – 03:19सामान्य
रोग03:19 – 04:57टालें
काल04:57 – 06:34टालें

7 नवंबर 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 17:29 तक
कृष्ण षष्ठी 16:49, 8 नव॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 15:03, 8 नव॰ तक
योग
सिद्ध 12:57 तक
साध्य 11:19, 8 नव॰ तक
करण
तैतिल 17:29 तक
गर 05:12, 8 नव॰ तक
वणिज 16:49, 8 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:34
सूर्यास्त
17:31
चंद्रोदय
21:38
चंद्रास्त
10:54
दिनमान
10h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:49 – 05:42
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:24

अशुभ समय

राहुकाल
14:47 – 16:09
यमगंड
09:18 – 10:40
गुलिक काल
12:02 – 13:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:3407:29दिन
सूर्य07:2908:23दिन
शुक्र08:2309:18दिन
बुध09:1810:13दिन
चंद्र10:1311:08दिन
शनि11:0812:02दिन
गुरु12:0212:57दिन
मंगल12:5713:52दिन
सूर्य13:5214:47दिन
शुक्र14:4715:41दिन
बुध15:4116:36दिन
चंद्र16:3617:31दिन
शनि17:3118:36रात
गुरु18:3619:41रात
मंगल19:4120:47रात
सूर्य20:4721:52रात
शुक्र21:5222:57रात
बुध22:5700:03रात
चंद्र00:0301:08रात
शनि01:0802:13रात
गुरु02:1303:19रात
मंगल03:1904:24रात
सूर्य04:2405:29रात
शुक्र05:2906:34रात

अयनांश 24.2601° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।