शारदीय नवरात्रि 2066

शारदीय नवरात्रि, शरद ऋतु की नवरात्रि, सबसे व्यापक रूप से मनाई जाती है: आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से मां दुर्गा की उपासना की नौ रातें, जिनका समापन दसवें दिन दशहरे के साथ होता है।

2066 में शारदीय नवरात्रि का पर्व सोमवार, 20 सितंबर 2066 से सोमवार, 27 सितंबर 2066 तक है।

घटस्थापना: सोमवार, 20 सितंबर 2066

  • शुक्ल प्रतिपदा प्रारंभ: 19 सित॰ 2066, 19:17
  • शुक्ल प्रतिपदा समाप्त: 20 सित॰ 2066, 18:38

नई दिल्ली के लिए तारीख और समय।

शारदीय नवरात्रि 2066 के सभी दिन

तारीखपर्व / अनुष्ठानतिथि / समय
सोमवार, 20 सित॰घटस्थापनाशुक्ल प्रतिपदा: 19 सित॰ 2066, 19:17 से 20 सित॰ 2066, 18:38 तक
सोमवार, 20 सित॰नवरात्रि का दिन 1 — शैलपुत्रीशुक्ल प्रतिपदा: 19 सित॰ 2066, 19:17 से 20 सित॰ 2066, 18:38 तक
मंगलवार, 21 सित॰नवरात्रि का दिन 2 — ब्रह्मचारिणीशुक्ल द्वितीया: 20 सित॰ 2066, 18:38 से 21 सित॰ 2066, 17:33 तक
बुधवार, 22 सित॰नवरात्रि का दिन 3 — चंद्रघंटाशुक्ल तृतीया: 21 सित॰ 2066, 17:33 से 22 सित॰ 2066, 16:09 तक
गुरुवार, 23 सित॰नवरात्रि का दिन 4 — कूष्मांडाशुक्ल चतुर्थी: 22 सित॰ 2066, 16:09 से 23 सित॰ 2066, 14:32 तक
शुक्रवार, 24 सित॰नवरात्रि का दिन 5 — स्कंदमाताशुक्ल पंचमी: 23 सित॰ 2066, 14:32 से 24 सित॰ 2066, 12:44 तक
शनिवार, 25 सित॰नवरात्रि का दिन 6 — कात्यायनीशुक्ल षष्ठी: 24 सित॰ 2066, 12:44 से 25 सित॰ 2066, 10:50 तक
रविवार, 26 सित॰नवरात्रि का दिन 7 — कालरात्रिशुक्ल सप्तमी: 25 सित॰ 2066, 10:50 से 26 सित॰ 2066, 08:50 तक
सोमवार, 27 सित॰नवरात्रि का दिन 8 — महागौरीशुक्ल अष्टमी: 26 सित॰ 2066, 08:50 से 27 सित॰ 2066, 06:47 तक
सोमवार, 27 सित॰नवरात्रि का दिन 9 — सिद्धिदात्रीशुक्ल नवमी: 27 सित॰ 2066, 06:47 से 28 सित॰ 2066, 04:42 तक
मंगलवार, 28 सित॰दशहराअपराह्न मुहूर्त: 13:23 से 15:46 तक

तारीख कैसे तय होती है

घटस्थापना का पर्व आश्विन की शुक्ल प्रतिपदा को होता है। दिन इस नियम से तय होता है: सूर्योदय के समय व्याप्त तिथि (उदया तिथि)। जब तिथि दो दिनों में उस समय को छूती है, तो जिस दिन वह अधिक समय तक व्याप्त रहती है, वही दिन लिया जाता है।

नई दिल्ली के लिए गणना। अलग-अलग शहरों और क्षेत्रीय परंपराओं में त्योहार की तारीख एक दिन आगे-पीछे हो सकती है; अंतिम निर्णय आपके कुल पुरोहित के पंचांग का ही मान्य है।

कैसे मनाया जाता है

पहले दिन सुबह घटस्थापना की जाती है; भक्त उपवास रखते हैं, हर दिन दुर्गा के नौ रूपों में से एक की पूजा करते हैं, गुजरात में गरबा और डांडिया, उत्तर भारत में रामलीला, और अष्टमी या नवमी को कन्या पूजन होता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2066 में शारदीय नवरात्रि कब है?

2066 में शारदीय नवरात्रि का पर्व सोमवार, 20 सितंबर 2066 से सोमवार, 27 सितंबर 2066 तक है। (नई दिल्ली)

शारदीय नवरात्रि की तारीख अलग-अलग कैलेंडरों में कभी-कभी अलग क्यों दिखती है?

हिंदू त्योहार चंद्र तिथि के अनुसार मनाए जाते हैं, और तिथि घड़ी के अलग-अलग समय पर शुरू और समाप्त होती है। हर त्योहार का एक नियम होता है कि तिथि दिन के किस भाग में होनी चाहिए — सूर्योदय, मध्याह्न, संध्या या मध्यरात्रि। जब तिथि दो दिनों में फैली होती है, तो किसी दूसरे शहर या दूसरी परंपरा के अनुसार नियम लागू करने वाले कैलेंडर अलग दिन पर पहुंच सकते हैं। हम अपना इस्तेमाल किया गया नियम और तिथि का समय दिखाते हैं, ताकि आप खुद जांच सकें।