वृश्चिक चंद्र राशि के लिए साल के बड़े विषय गुरु, शनि और राहु–केतु से तय होते हैं — ये धीमे ग्रह एक राशि में साल भर या उससे अधिक रहते हैं। सहायक: आपके षष्ठ भाव में शनि, आपके तृतीय भाव में राहु। सावधानी ज़रूरी: आपके दशम भाव में गुरु, आपके नवम भाव में केतु।
- करियर: काम आपके पक्ष में आगे बढ़ेगा। आपके षष्ठ भाव में शनि काम और प्रतिष्ठा को सहारा देता है।
- प्रेम: जीवनसाथी के साथ धैर्य रखें और संवेदनशील विषयों से बचें। आपके दशम भाव में गुरु रिश्तों पर दबाव डालता है।
- धन: बड़ी खरीदारी, उधार देने और सट्टे से बचें। आपके दशम भाव में गुरु धन पर दबाव डालता है।
- स्वास्थ्य: ऊर्जा और सहनशक्ति अच्छी रहेगी। आपके षष्ठ भाव में शनि स्वास्थ्य को सहारा देता है।
तिमाही-दर-तिमाही
जनवरी – मार्च
- सूर्य कुंभ में, आपके चतुर्थ भाव में चुनौतीपूर्णचौथे भाव में सूर्य घर का माहौल अस्थिर कर सकता है। परिवार, विशेषकर माता के साथ अधिक धैर्य रखें, और हो सके तो संपत्ति से जुड़े निर्णय टाल दें।
- मंगल सिंह में, आपके दशम भाव में, वक्री मिश्रितदशम भाव में मंगल कड़ी मेहनत और महत्वाकांक्षा देता है, साथ ही कार्यस्थल पर खींचतान भी। अनुशासन बनाए रखें तो फल मिलते हैं।
- गुरु कर्क में, आपके नवम भाव में, वक्री अनुकूलनवम भाव में गुरु अपनी सर्वश्रेष्ठ स्थितियों में से एक में होता है — भाग्य, मार्गदर्शन, तीर्थयात्रा और बड़ों का आशीर्वाद।
- शनि मीन में, आपके पंचम भाव में चुनौतीपूर्णपाँचवें भाव में शनि संतान या पढ़ाई को लेकर चिंता और निर्णय लेने में धीमापन ला सकता है।
अप्रैल – जून
- सूर्य मेष में, आपके षष्ठ भाव में अनुकूलछठे भाव में सूर्य प्रतिस्पर्धा में आगे निकलने और अटके काम पूरे करने में मदद करता है। स्वास्थ्य और ऊर्जा में सुधार होता है, और विवाद प्रायः आपके पक्ष में सुलझते हैं।
- मंगल सिंह में, आपके दशम भाव में मिश्रितदशम भाव में मंगल कड़ी मेहनत और महत्वाकांक्षा देता है, साथ ही कार्यस्थल पर खींचतान भी। अनुशासन बनाए रखें तो फल मिलते हैं।
- गुरु कर्क में, आपके नवम भाव में अनुकूलनवम भाव में गुरु अपनी सर्वश्रेष्ठ स्थितियों में से एक में होता है — भाग्य, मार्गदर्शन, तीर्थयात्रा और बड़ों का आशीर्वाद।
- शनि मीन में, आपके पंचम भाव में चुनौतीपूर्णपाँचवें भाव में शनि संतान या पढ़ाई को लेकर चिंता और निर्णय लेने में धीमापन ला सकता है।
जुलाई – सितंबर
- सूर्य कर्क में, आपके नवम भाव में चुनौतीपूर्णनवम भाव में सूर्य वरिष्ठों या बड़ों की ओर से देरी ला सकता है। फल मिलते हैं, पर आपकी उम्मीद से धीरे; सम्मान बनाए रखें और लगे रहें।
- मंगल कन्या में, आपके एकादश भाव में अनुकूलएकादश भाव में मंगल लाभ, संपत्ति के सौदों और महत्वाकांक्षी योजनाओं में सफलता के लिए उत्तम है।
- गुरु सिंह में, आपके दशम भाव में चुनौतीपूर्णदशम भाव में गुरु करियर में दबाव या बदलाव ला सकता है। नैतिकता और धैर्य बनाए रखें।
- शनि मेष में, आपके षष्ठ भाव में, वक्री अनुकूलछठे भाव में शनि निरंतर प्रयास से शत्रुओं, रोग और ऋण पर विजय पाने में मदद करता है।
अक्टूबर – दिसंबर
- सूर्य तुला में, आपके द्वादश भाव में चुनौतीपूर्णद्वादश भाव में सूर्य खर्च बढ़ाता है और नींद में खलल डाल सकता है। यह नए काम शुरू करने के बजाय विश्राम, आत्मचिंतन और पुराने काम पूरे करने का अच्छा समय है।
- मंगल वृश्चिक में, आपके प्रथम भाव में चुनौतीपूर्णआपकी राशि में मंगल ऊर्जा बढ़ाता है, पर अधीरता भी। क्रोध, कटने और जलने से बचें, और इस जोश को व्यायाम में लगाएँ।
- गुरु सिंह में, आपके दशम भाव में चुनौतीपूर्णदशम भाव में गुरु करियर में दबाव या बदलाव ला सकता है। नैतिकता और धैर्य बनाए रखें।
- शनि मीन में, आपके पंचम भाव में, वक्री चुनौतीपूर्णपाँचवें भाव में शनि संतान या पढ़ाई को लेकर चिंता और निर्णय लेने में धीमापन ला सकता है।
महत्वपूर्ण तारीखें
| तारीख (IST) | घटना |
|---|---|
| 10 जन॰ 2027 18:45 | मंगल वक्री होता है — इसके कारक मामले धीमे पड़ते हैं और पुराने मुद्दे दोबारा सामने आ सकते हैं। मिश्रित |
| 25 जन॰ 2027 01:29 | गुरु का कर्क में, आपके नवम भाव में प्रवेश (वक्री अवस्था में)। नवम भाव में गुरु अपनी सर्वश्रेष्ठ स्थितियों में से एक में होता है — भाग्य, मार्गदर्शन, तीर्थयात्रा और बड़ों का आशीर्वाद। अनुकूल |
| 10 मार्च 2027 00:14 | मंगल का कर्क में, आपके नवम भाव में प्रवेश (वक्री अवस्था में)। नवम भाव में मंगल बाधाएँ, थकान और बड़ों से मतभेद ला सकता है। इस समय ज़ोर-ज़बरदस्ती के बजाय धीमी और स्थिर चाल बेहतर है। चुनौतीपूर्ण |
| 1 अप्रैल 2027 20:15 | मंगल मार्गी होता है — इसके रुके हुए मामले फिर से आगे बढ़ने लगते हैं। मिश्रित |
| 13 अप्रैल 2027 08:15 | गुरु मार्गी होता है — इसके रुके हुए मामले फिर से आगे बढ़ने लगते हैं। मिश्रित |
| 26 अप्रैल 2027 11:48 | मंगल का सिंह में, आपके दशम भाव में प्रवेश। दशम भाव में मंगल कड़ी मेहनत और महत्वाकांक्षा देता है, साथ ही कार्यस्थल पर खींचतान भी। अनुशासन बनाए रखें तो फल मिलते हैं। मिश्रित |
| 3 जून 2027 06:03 | शनि का मेष में, आपके षष्ठ भाव में प्रवेश। छठे भाव में शनि निरंतर प्रयास से शत्रुओं, रोग और ऋण पर विजय पाने में मदद करता है। अनुकूल |
| 26 जून 2027 05:15 | गुरु का सिंह में, आपके दशम भाव में प्रवेश। दशम भाव में गुरु करियर में दबाव या बदलाव ला सकता है। नैतिकता और धैर्य बनाए रखें। चुनौतीपूर्ण |
| 5 जुल॰ 2027 04:34 | मंगल का कन्या में, आपके एकादश भाव में प्रवेश। एकादश भाव में मंगल लाभ, संपत्ति के सौदों और महत्वाकांक्षी योजनाओं में सफलता के लिए उत्तम है। अनुकूल |
| 9 अग॰ 2027 23:15 | शनि वक्री होता है — इसके कारक मामले धीमे पड़ते हैं और पुराने मुद्दे दोबारा सामने आ सकते हैं। मिश्रित |
| 24 अग॰ 2027 09:51 | मंगल का तुला में, आपके द्वादश भाव में प्रवेश। द्वादश भाव में मंगल खर्च बढ़ा सकता है और नींद में खलल डाल सकता है। छिपी दुश्मनी और फ़िज़ूलख़र्ची से बचें। चुनौतीपूर्ण |
| 8 अक्टू॰ 2027 01:28 | मंगल का वृश्चिक में, आपके प्रथम भाव में प्रवेश। आपकी राशि में मंगल ऊर्जा बढ़ाता है, पर अधीरता भी। क्रोध, कटने और जलने से बचें, और इस जोश को व्यायाम में लगाएँ। चुनौतीपूर्ण |
| 20 अक्टू॰ 2027 06:19 | शनि का मीन में, आपके पंचम भाव में प्रवेश (वक्री अवस्था में)। पाँचवें भाव में शनि संतान या पढ़ाई को लेकर चिंता और निर्णय लेने में धीमापन ला सकता है। चुनौतीपूर्ण |
| 18 नव॰ 2027 08:45 | मंगल का धनु में, आपके द्वितीय भाव में प्रवेश। दूसरे भाव में मंगल वाणी को तीखा बना सकता है और धन को लेकर विवाद की संभावना रहती है। पारिवारिक या आर्थिक मामलों में प्रतिक्रिया देने से पहले दो बार सोचें। चुनौतीपूर्ण |
| 26 नव॰ 2027 18:37 | गुरु का कन्या में, आपके एकादश भाव में प्रवेश। एकादश भाव में गुरु लाभ, इच्छाओं की पूर्ति और प्रभावशाली मित्रों का सहयोग देता है। अनुकूल |
| 24 दिस॰ 2027 09:00 | शनि मार्गी होता है — इसके रुके हुए मामले फिर से आगे बढ़ने लगते हैं। मिश्रित |
| 27 दिस॰ 2027 13:04 | मंगल का मकर में, आपके तृतीय भाव में प्रवेश। तीसरे भाव में मंगल साहस और जीतने का जज़्बा देता है। साहसिक क़दम, खेल-कूद और प्रतिस्पर्धी काम अच्छे चलते हैं। अनुकूल |
धीमे ग्रह
- गुरु सिंह में, आपके दशम भाव में चुनौतीपूर्णदशम भाव में गुरु करियर में दबाव या बदलाव ला सकता है। नैतिकता और धैर्य बनाए रखें।
- शनि मेष में, आपके षष्ठ भाव में अनुकूलछठे भाव में शनि निरंतर प्रयास से शत्रुओं, रोग और ऋण पर विजय पाने में मदद करता है।
- राहु मकर में, आपके तृतीय भाव में अनुकूलतीसरे भाव में राहु साहस, मीडिया या तकनीक में सफलता और प्रतिद्वंद्वियों पर बढ़त देता है।
- केतु कर्क में, आपके नवम भाव में चुनौतीपूर्णनवम भाव में केतु परंपरा या गुरुओं से विरक्ति ला सकता है। आध्यात्मिक साधना से मदद मिलती है।
पारंपरिक उपाय (केतु): आध्यात्मिक साधना, ध्यान और आवारा कुत्तों की देखभाल केतु के पारंपरिक उपाय हैं।