मुंडन मुहूर्त 2016
2016 में नई दिल्ली के लिए मुंडन (पहली बार बाल उतारना) के 12 शुभ दिन, उन समय-अवधियों के साथ जिनमें सभी शर्तें पूरी होती हैं।
जनवरी 2016 · 2 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 21 जन॰ | 09:20 – 17:50 नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: शुक्ल त्रयोदशी |
| शुक्रवार, 29 जन॰ | 07:11 – 14:24 नक्षत्र: हस्त · तिथि: कृष्ण पंचमी |
फ़रवरी 2016 · 5 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 4 फ़र॰ | 07:07 – 18:02 नक्षत्र: ज्येष्ठा · तिथि: कृष्ण एकादशी |
| बुधवार, 10 फ़र॰ | 07:04 – 13:15 नक्षत्र: शतभिषा · तिथि: शुक्ल द्वितीया |
| शुक्रवार, 12 फ़र॰ | 09:17 – 18:08 नक्षत्र: रेवती · तिथि: शुक्ल पंचमी |
| बुधवार, 17 फ़र॰ | 06:58 – 18:12 नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: शुक्ल दशमी |
| गुरुवार, 25 फ़र॰ | 12:23 – 18:17 नक्षत्र: हस्त · तिथि: कृष्ण तृतीया |
मार्च 2016 · 2 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| सोमवार, 7 मार्च | 06:39 – 13:20 नक्षत्र: धनिष्ठा · तिथि: कृष्ण त्रयोदशी |
| शुक्रवार, 11 मार्च | 06:35 – 18:27 नक्षत्र: रेवती, अश्विनी · तिथि: शुक्ल तृतीया |
अप्रैल 2016 · 0 दिन
अप्रैल में कोई भी दिन सभी शर्तें पूरी नहीं करता।
मई 2016 · 0 दिन
मई में कोई भी दिन सभी शर्तें पूरी नहीं करता।
जून 2016 · 0 दिन
जून में कोई भी दिन सभी शर्तें पूरी नहीं करता।
जुलाई 2016 · 3 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| बुधवार, 6 जुल॰ | 05:29 – 16:59 नक्षत्र: पुष्य · तिथि: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया |
| सोमवार, 11 जुल॰ | 05:31 – 17:12 नक्षत्र: हस्त · तिथि: शुक्ल सप्तमी |
| गुरुवार, 14 जुल॰ | 05:32 – 06:52 नक्षत्र: स्वाति · तिथि: शुक्ल दशमी |
अगस्त 2016 · 0 दिन
अगस्त में कोई भी दिन सभी शर्तें पूरी नहीं करता।
सितंबर 2016 · 0 दिन
सितंबर में कोई भी दिन सभी शर्तें पूरी नहीं करता।
अक्टूबर 2016 · 0 दिन
अक्टूबर में कोई भी दिन सभी शर्तें पूरी नहीं करता।
नवंबर 2016 · 0 दिन
नवंबर में कोई भी दिन सभी शर्तें पूरी नहीं करता।
दिसंबर 2016 · 0 दिन
दिसंबर में कोई भी दिन सभी शर्तें पूरी नहीं करता।
नई दिल्ली के लिए गणना। समय-अवधियां स्थानीय समय में दिखाई गई हैं; जो अवधि मध्यरात्रि पार करती है, वह उसी दिन की मानी जाती है जिस दिन वह शुरू होती है (हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है)।
प्रयुक्त नियम
मुंडन (चूड़ाकर्म), यानी पहली बार बाल उतारना, उत्तरायण के महीनों में दिन के समय, अनुकूल नक्षत्र, तिथि और वार में किया जाता है, उन अवधियों से बचते हुए जब शुक्र या गुरु अस्त हों। आयु कुल की परंपरा से तय होती है — अक्सर पहला, तीसरा या पांचवां वर्ष।
- चंद्रमा का नक्षत्र: पुनर्वसु, स्वाति, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, मृगशिरा, चित्रा, रेवती, अश्विनी, पुष्य, हस्त, ज्येष्ठा
- तिथि (शुक्ल पक्ष): द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी; (कृष्ण पक्ष): द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
- सूर्य की राशि (सौर मास): मकर, कुंभ, मेष, वृषभ, मिथुन
- अधिक मास (मलमास) में कोई मुहूर्त नहीं
- शुक्र या गुरु के अस्त (तारा अस्त) रहने पर, और अस्त होने से पहले तथा उदय होने के बाद के 3 दिनों में कोई मुहूर्त नहीं
- संक्रांति और ग्रहण के दिन से बचें
- केवल सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच
ये सामान्य रूप से शुभ समय-अवधियां हैं। किसी संस्कार के लिए ज्योतिषी चुने गए क्षण का लग्न और संबंधित व्यक्तियों का तारा बल व चंद्र बल भी देखते हैं — एक ही अवधि किसी एक व्यक्ति के लिए दूसरे की तुलना में अधिक अनुकूल हो सकती है।
ज्योतिषी से अपना व्यक्तिगत मुहूर्त निकलवाएं किसी अनुभवी ज्योतिषी से बात करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2016 में मुंडन (पहली बार बाल उतारना) के कितने मुहूर्त हैं?
इस पेज पर दिए गए नियमों के अनुसार 2016 में नई दिल्ली के लिए मुंडन (पहली बार बाल उतारना) के 12 शुभ दिन हैं।
कुछ महीनों में कोई मुहूर्त क्यों नहीं होता?
मौसमी निषेधों के कारण लंबी अवधियां वर्जित हो जाती हैं: खरमास (सूर्य धनु या मीन राशि में), चातुर्मास, अधिक मास, और वे अवधियां जब शुक्र या गुरु अस्त होते हैं। बचे हुए दिनों में भी उपयुक्त नक्षत्र और तिथि का एक साथ होना ज़रूरी है।