नामकरण मुहूर्त 2037

2037 में नई दिल्ली के लिए नामकरण संस्कार के 90 शुभ दिन, उन समय-अवधियों के साथ जिनमें सभी शर्तें पूरी होती हैं।

नामकरण संस्कार का अगला मुहूर्त: शुक्रवार, 2 जनवरी 2037 — 11:54 – 17:36

जनवरी 2037 · 7 दिन

तारीखमुहूर्त
शुक्रवार, 2 जन॰
11:54 – 17:36
नक्षत्र: पुनर्वसु · तिथि: कृष्ण प्रतिपदा
बुधवार, 7 जन॰
14:42 – 17:40
नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथि: कृष्ण सप्तमी
गुरुवार, 8 जन॰
07:15 – 12:46
नक्षत्र: हस्त · तिथि: कृष्ण सप्तमी
सोमवार, 12 जन॰
07:15 – 17:44
नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: कृष्ण एकादशी, कृष्ण द्वादशी
सोमवार, 19 जन॰
07:14 – 17:49
नक्षत्र: धनिष्ठा, शतभिषा · तिथि: शुक्ल तृतीया
शुक्रवार, 23 जन॰
07:13 – 17:53
नक्षत्र: रेवती · तिथि: शुक्ल सप्तमी
बुधवार, 28 जन॰
07:11 – 17:57
नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: शुक्ल द्वादशी

फ़रवरी 2037 · 8 दिन

तारीखमुहूर्त
बुधवार, 4 फ़र॰
07:07 – 18:02
नक्षत्र: हस्त · तिथि: कृष्ण पंचमी
शुक्रवार, 6 फ़र॰
07:06 – 18:04
नक्षत्र: स्वाति · तिथि: कृष्ण सप्तमी
सोमवार, 16 फ़र॰
06:58 – 18:12
नक्षत्र: शतभिषा · तिथि: शुक्ल प्रतिपदा, शुक्ल द्वितीया
बुधवार, 18 फ़र॰
06:56 – 18:11
नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद · तिथि: शुक्ल तृतीया
शुक्रवार, 20 फ़र॰
06:54 – 18:15
नक्षत्र: अश्विनी · तिथि: शुक्ल पंचमी
बुधवार, 25 फ़र॰
06:50 – 10:47
नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: शुक्ल दशमी
गुरुवार, 26 फ़र॰
09:36 – 18:19
नक्षत्र: पुनर्वसु · तिथि: शुक्ल एकादशी
शुक्रवार, 27 फ़र॰
06:48 – 18:19
नक्षत्र: पुनर्वसु, पुष्य · तिथि: शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशी

मार्च 2037 · 12 दिन

तारीखमुहूर्त
बुधवार, 4 मार्च
06:42 – 18:23
नक्षत्र: हस्त, चित्रा · तिथि: कृष्ण तृतीया
गुरुवार, 5 मार्च
16:32 – 18:23
नक्षत्र: स्वाति · तिथि: कृष्ण पंचमी
शुक्रवार, 6 मार्च
06:40 – 11:28
नक्षत्र: स्वाति · तिथि: कृष्ण पंचमी
बुधवार, 11 मार्च
16:00 – 18:27
नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा · तिथि: कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी
गुरुवार, 12 मार्च
06:34 – 18:27
नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा · तिथि: कृष्ण एकादशी
शुक्रवार, 13 मार्च
06:33 – 18:28
नक्षत्र: श्रवण · तिथि: कृष्ण द्वादशी
बुधवार, 18 मार्च
06:27 – 18:31
नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद, रेवती · तिथि: शुक्ल प्रतिपदा, शुक्ल द्वितीया
गुरुवार, 19 मार्च
06:26 – 18:31
नक्षत्र: रेवती, अश्विनी · तिथि: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया
शुक्रवार, 20 मार्च
06:25 – 10:49
नक्षत्र: अश्विनी · तिथि: शुक्ल तृतीया
सोमवार, 23 मार्च
12:55 – 18:34
नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा · तिथि: शुक्ल सप्तमी
गुरुवार, 26 मार्च
10:02 – 18:35
नक्षत्र: पुनर्वसु, पुष्य · तिथि: शुक्ल दशमी
शुक्रवार, 27 मार्च
06:16 – 15:00
नक्षत्र: पुष्य · तिथि: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी

अप्रैल 2037 · 9 दिन

तारीखमुहूर्त
बुधवार, 1 अप्रैल
06:11 – 18:39
नक्षत्र: चित्रा · तिथि: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया
गुरुवार, 2 अप्रैल
06:10 – 18:39
नक्षत्र: स्वाति · तिथि: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया
गुरुवार, 9 अप्रैल
07:54 – 18:43
नक्षत्र: श्रवण · तिथि: कृष्ण दशमी
शुक्रवार, 10 अप्रैल
06:01 – 18:44
नक्षत्र: धनिष्ठा · तिथि: कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी
गुरुवार, 16 अप्रैल
05:54 – 18:47
नक्षत्र: अश्विनी · तिथि: शुक्ल प्रतिपदा
सोमवार, 20 अप्रैल
05:50 – 18:49
नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: शुक्ल पंचमी
बुधवार, 22 अप्रैल
05:48 – 18:51
नक्षत्र: पुनर्वसु · तिथि: शुक्ल सप्तमी
सोमवार, 27 अप्रैल
05:43 – 18:54
नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी, हस्त · तिथि: शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशी
गुरुवार, 30 अप्रैल
05:41 – 08:00
नक्षत्र: स्वाति · तिथि: कृष्ण प्रतिपदा

मई 2037 · 4 दिन

तारीखमुहूर्त
शुक्रवार, 1 मई
06:28 – 18:56
नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: कृष्ण द्वितीया
बुधवार, 6 मई
05:36 – 18:59
नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा, श्रवण · तिथि: कृष्ण सप्तमी
सोमवार, 11 मई
05:32 – 19:02
नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद · तिथि: कृष्ण एकादशी, कृष्ण द्वादशी
बुधवार, 13 मई
05:31 – 10:12
नक्षत्र: अश्विनी · तिथि: कृष्ण त्रयोदशी

जून 2037 · 3 दिन

तारीखमुहूर्त
सोमवार, 22 जून
05:24 – 19:22
नक्षत्र: चित्रा · तिथि: शुक्ल दशमी
गुरुवार, 25 जून
05:25 – 19:22
नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: शुक्ल त्रयोदशी
सोमवार, 29 जून
05:26 – 19:23
नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा · तिथि: कृष्ण द्वितीया

जुलाई 2037 · 6 दिन

तारीखमुहूर्त
गुरुवार, 2 जुल॰
05:27 – 19:23
नक्षत्र: धनिष्ठा, शतभिषा · तिथि: कृष्ण पंचमी
शुक्रवार, 10 जुल॰
05:30 – 19:22
नक्षत्र: रोहिणी · तिथि: कृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशी
शुक्रवार, 17 जुल॰
10:58 – 17:58
नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथि: शुक्ल पंचमी
बुधवार, 22 जुल॰
05:37 – 19:17
नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी
बुधवार, 29 जुल॰
05:41 – 19:13
नक्षत्र: धनिष्ठा, शतभिषा · तिथि: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया
गुरुवार, 30 जुल॰
05:41 – 15:34
नक्षत्र: शतभिषा · तिथि: कृष्ण तृतीया

अगस्त 2037 · 7 दिन

तारीखमुहूर्त
सोमवार, 3 अग॰
05:43 – 19:10
नक्षत्र: अश्विनी · तिथि: कृष्ण सप्तमी
गुरुवार, 6 अग॰
07:33 – 19:08
नक्षत्र: रोहिणी · तिथि: कृष्ण दशमी
शुक्रवार, 7 अग॰
05:46 – 19:07
नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा · तिथि: कृष्ण एकादशी
सोमवार, 17 अग॰
05:51 – 11:12
नक्षत्र: स्वाति · तिथि: शुक्ल सप्तमी
बुधवार, 26 अग॰
05:56 – 18:49
नक्षत्र: शतभिषा · तिथि: कृष्ण प्रतिपदा
शुक्रवार, 28 अग॰
05:57 – 18:47
नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद · तिथि: कृष्ण तृतीया
सोमवार, 31 अग॰
05:58 – 11:18
नक्षत्र: अश्विनी · तिथि: कृष्ण पंचमी

सितंबर 2037 · 7 दिन

तारीखमुहूर्त
शुक्रवार, 4 सित॰
15:30 – 16:59
नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: कृष्ण दशमी
सोमवार, 7 सित॰
06:02 – 13:45
नक्षत्र: पुष्य · तिथि: कृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशी
गुरुवार, 10 सित॰
06:03 – 18:32
नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथि: शुक्ल प्रतिपदा
शुक्रवार, 11 सित॰
06:04 – 18:30
नक्षत्र: हस्त · तिथि: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया
सोमवार, 21 सित॰
06:09 – 18:18
नक्षत्र: धनिष्ठा · तिथि: शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशी
गुरुवार, 24 सित॰
17:01 – 18:15
नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद · तिथि: कृष्ण प्रतिपदा
शुक्रवार, 25 सित॰
06:11 – 18:14
नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद, रेवती · तिथि: कृष्ण प्रतिपदा

अक्टूबर 2037 · 6 दिन

तारीखमुहूर्त
गुरुवार, 1 अक्टू॰
06:14 – 18:06
नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: कृष्ण सप्तमी
शुक्रवार, 9 अक्टू॰
08:04 – 17:57
नक्षत्र: हस्त, चित्रा · तिथि: शुक्ल प्रतिपदा
सोमवार, 19 अक्टू॰
06:24 – 17:47
नक्षत्र: धनिष्ठा, शतभिषा · तिथि: शुक्ल एकादशी
बुधवार, 21 अक्टू॰
15:03 – 17:45
नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद · तिथि: शुक्ल त्रयोदशी
बुधवार, 28 अक्टू॰
15:29 – 17:39
नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: कृष्ण पंचमी
शुक्रवार, 30 अक्टू॰
15:47 – 17:37
नक्षत्र: पुनर्वसु · तिथि: कृष्ण सप्तमी

नवंबर 2037 · 10 दिन

तारीखमुहूर्त
बुधवार, 4 नव॰
06:35 – 17:33
नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथि: कृष्ण एकादशी, कृष्ण द्वादशी
गुरुवार, 5 नव॰
06:36 – 17:33
नक्षत्र: हस्त · तिथि: कृष्ण त्रयोदशी
सोमवार, 9 नव॰
06:39 – 11:45
नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: शुक्ल द्वितीया
शुक्रवार, 13 नव॰
09:14 – 17:28
नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा, श्रवण · तिथि: शुक्ल सप्तमी
बुधवार, 18 नव॰
06:46 – 17:26
नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद · तिथि: शुक्ल एकादशी
गुरुवार, 19 नव॰
06:46 – 17:25
नक्षत्र: रेवती · तिथि: शुक्ल द्वादशी
शुक्रवार, 20 नव॰
06:47 – 17:25
नक्षत्र: अश्विनी · तिथि: शुक्ल त्रयोदशी
सोमवार, 23 नव॰
09:41 – 17:24
नक्षत्र: रोहिणी · तिथि: कृष्ण प्रतिपदा
बुधवार, 25 नव॰
06:51 – 11:44
नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: कृष्ण तृतीया
शुक्रवार, 27 नव॰
06:53 – 17:24
नक्षत्र: पुनर्वसु, पुष्य · तिथि: कृष्ण पंचमी

दिसंबर 2037 · 11 दिन

तारीखमुहूर्त
बुधवार, 2 दिस॰
06:57 – 17:23
नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी, हस्त · तिथि: कृष्ण दशमी
गुरुवार, 3 दिस॰
06:57 – 17:23
नक्षत्र: चित्रा · तिथि: कृष्ण एकादशी, कृष्ण द्वादशी
शुक्रवार, 4 दिस॰
06:58 – 17:23
नक्षत्र: स्वाति · तिथि: कृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशी
शुक्रवार, 11 दिस॰
07:03 – 17:25
नक्षत्र: श्रवण · तिथि: शुक्ल पंचमी
बुधवार, 16 दिस॰
12:00 – 17:26
नक्षत्र: रेवती · तिथि: शुक्ल दशमी
गुरुवार, 17 दिस॰
07:07 – 17:27
नक्षत्र: रेवती, अश्विनी · तिथि: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी
शुक्रवार, 18 दिस॰
07:07 – 14:09
नक्षत्र: अश्विनी · तिथि: शुक्ल एकादशी
गुरुवार, 24 दिस॰
07:11 – 17:30
नक्षत्र: पुनर्वसु · तिथि: कृष्ण द्वितीया
शुक्रवार, 25 दिस॰
07:11 – 16:09
नक्षत्र: पुष्य · तिथि: कृष्ण तृतीया
सोमवार, 28 दिस॰
14:33 – 17:32
नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथि: कृष्ण सप्तमी
गुरुवार, 31 दिस॰
07:13 – 17:34
नक्षत्र: चित्रा, स्वाति · तिथि: कृष्ण दशमी

नई दिल्ली के लिए गणना। समय-अवधियां स्थानीय समय में दिखाई गई हैं; जो अवधि मध्यरात्रि पार करती है, वह उसी दिन की मानी जाती है जिस दिन वह शुरू होती है (हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है)।

प्रयुक्त नियम

नामकरण संस्कार परंपरागत रूप से जन्म के 11वें या 12वें दिन किया जाता है, जब अलग से मुहूर्त की आवश्यकता नहीं होती। यदि यह बाद में हो, तो स्थिर, चर, मृदु या क्षिप्र नक्षत्र और अच्छी तिथि व वार वाला दिन चुना जाता है, संक्रांति और ग्रहण के दिनों से बचते हुए, और बेहतर है कि सुबह के समय।

  • चंद्रमा का नक्षत्र: रोहिणी, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद, पुनर्वसु, स्वाति, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, मृगशिरा, चित्रा, अनुराधा, रेवती, अश्विनी, पुष्य, हस्त
  • तिथि (शुक्ल पक्ष): प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी; (कृष्ण पक्ष): प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी
  • वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
  • अधिक मास (मलमास) में कोई मुहूर्त नहीं
  • संक्रांति और ग्रहण के दिन से बचें
  • केवल सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच

ये सामान्य रूप से शुभ समय-अवधियां हैं। किसी संस्कार के लिए ज्योतिषी चुने गए क्षण का लग्न और संबंधित व्यक्तियों का तारा बल व चंद्र बल भी देखते हैं — एक ही अवधि किसी एक व्यक्ति के लिए दूसरे की तुलना में अधिक अनुकूल हो सकती है।

ज्योतिषी से अपना व्यक्तिगत मुहूर्त निकलवाएं किसी अनुभवी ज्योतिषी से बात करें।

ज्योतिषी से बात करें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2037 में नामकरण संस्कार के कितने मुहूर्त हैं?

इस पेज पर दिए गए नियमों के अनुसार 2037 में नई दिल्ली के लिए नामकरण संस्कार के 90 शुभ दिन हैं।

नामकरण संस्कार के लिए अगली शुभ तिथि कब है?

अगली शुभ तिथि शुक्रवार, 2 जनवरी 2037 है, मुहूर्त 11:54 – 17:36।

कुछ महीनों में कोई मुहूर्त क्यों नहीं होता?

मौसमी निषेधों के कारण लंबी अवधियां वर्जित हो जाती हैं: खरमास (सूर्य धनु या मीन राशि में), चातुर्मास, अधिक मास, और वे अवधियां जब शुक्र या गुरु अस्त होते हैं। बचे हुए दिनों में भी उपयुक्त नक्षत्र और तिथि का एक साथ होना ज़रूरी है।