धनिष्ठा नक्षत्र

धनिष्ठा, यानी ढोल (मृदंग), आठ वसुओं का नक्षत्र है। यह लय, धन, उदारता और संगीत व सामूहिक गतिविधियों में प्रतिभा देता है।

विशेषताएं

  • संगीतप्रेमी
  • धनवान
  • उदार
  • महत्वाकांक्षी

अनुकूल करियर

  • संगीत
  • रियल एस्टेट
  • खेल
  • वित्त

पद (चरण)

पदराशिविस्तारनवांशनाम अक्षर
1मकर23° 20′ 00″ – 26° 40′ 00″सिंहGa
2मकर26° 40′ 00″ – 30° 00′ 00″कन्याGi
3कुंभ0° 00′ 00″ – 3° 20′ 00″तुलाGu
4कुंभ3° 20′ 00″ – 6° 40′ 00″वृश्चिकGe

पिछला: श्रवण। अगला: शतभिषा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनिष्ठा नक्षत्र का स्वामी कौन है?

मंगल। जिनके जन्म के समय चंद्रमा धनिष्ठा में होता है, उनका जीवन विंशोत्तरी पद्धति की मंगल महादशा से शुरू होता है।

धनिष्ठा के नाम अक्षर कौन-से हैं?

धनिष्ठा के चार पद Ga, Gi, Gu, Ge अक्षरों से जुड़े हैं। परंपरा के अनुसार बच्चे का नाम जन्म के समय चंद्रमा के पद के अक्षर से शुरू होता है।

धनिष्ठा किस गण और नाड़ी का है?

धनिष्ठा राक्षस गण, मध्य नाड़ी और सिंह योनि का है — ये कारक कुंडली मिलान में उपयोग होते हैं।