शतभिषा नक्षत्र

शतभिषा, यानी 'सौ वैद्य', के स्वामी राहु और देवता वरुण हैं। यह उपचार की क्षमता, स्वतंत्रता और विज्ञान व रहस्यों में रुचि देता है।

विशेषताएं

  • वैज्ञानिक सोच
  • रहस्यमय
  • स्वतंत्र
  • दार्शनिक

अनुकूल करियर

  • चिकित्सा
  • खगोल और ज्योतिष
  • तकनीक
  • शोध

पद (चरण)

पदराशिविस्तारनवांशनाम अक्षर
1कुंभ6° 40′ 00″ – 10° 00′ 00″धनुGo
2कुंभ10° 00′ 00″ – 13° 19′ 59″मकरSa
3कुंभ13° 20′ 00″ – 16° 40′ 00″कुंभSi
4कुंभ16° 40′ 00″ – 20° 00′ 00″मीनSu

पिछला: धनिष्ठा। अगला: पूर्वा भाद्रपद।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शतभिषा नक्षत्र का स्वामी कौन है?

राहु। जिनके जन्म के समय चंद्रमा शतभिषा में होता है, उनका जीवन विंशोत्तरी पद्धति की राहु महादशा से शुरू होता है।

शतभिषा के नाम अक्षर कौन-से हैं?

शतभिषा के चार पद Go, Sa, Si, Su अक्षरों से जुड़े हैं। परंपरा के अनुसार बच्चे का नाम जन्म के समय चंद्रमा के पद के अक्षर से शुरू होता है।

शतभिषा किस गण और नाड़ी का है?

शतभिषा राक्षस गण, आदि नाड़ी और अश्व योनि का है — ये कारक कुंडली मिलान में उपयोग होते हैं।