हस्त नक्षत्र

हस्त, यानी खुली हथेली, के स्वामी चंद्रमा और देवता सविता हैं। यह हाथों का हुनर, चतुराई, हास्य-बोध और व्यावहारिक बुद्धि देता है।

विशेषताएं

  • कुशल
  • हाज़िरजवाब
  • व्यावहारिक
  • मेहनती

अनुकूल करियर

  • शिल्प और हस्तकला
  • उपचार और मालिश
  • वाणिज्य
  • लेखन

पद (चरण)

पदराशिविस्तारनवांशनाम अक्षर
1कन्या10° 00′ 00″ – 13° 20′ 00″मेषPu
2कन्या13° 20′ 00″ – 16° 40′ 00″वृषभSha
3कन्या16° 39′ 59″ – 20° 00′ 00″मिथुनNa
4कन्या20° 00′ 00″ – 23° 20′ 00″कर्कTha

पिछला: उत्तरा फाल्गुनी। अगला: चित्रा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हस्त नक्षत्र का स्वामी कौन है?

चंद्र। जिनके जन्म के समय चंद्रमा हस्त में होता है, उनका जीवन विंशोत्तरी पद्धति की चंद्र महादशा से शुरू होता है।

हस्त के नाम अक्षर कौन-से हैं?

हस्त के चार पद Pu, Sha, Na, Tha अक्षरों से जुड़े हैं। परंपरा के अनुसार बच्चे का नाम जन्म के समय चंद्रमा के पद के अक्षर से शुरू होता है।

हस्त किस गण और नाड़ी का है?

हस्त देव गण, आदि नाड़ी और महिष योनि का है — ये कारक कुंडली मिलान में उपयोग होते हैं।