11 अक्टूबर 2028 को कोलंबो का पंचांग

बुधवार, 11 अक्टूबर 2028, कोलंबो, श्रीलंका। समय Asia/Colombo में है।

बुधवार, 11 अक्टूबर 2028 को कोलंबो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (04:55, 12 अक्टू॰ तक), नक्षत्र आर्द्रा (09:29 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 05:57 पर और सूर्यास्त 17:56 पर है। राहुकाल 11:57 से 13:27 तक है।

दिन और रात
दिन 05:57 – 17:56
रात 05:57 तक
तिथि
अष्टमी, 04:55 तक
नवमी
नक्षत्र
आर्द्रा, 09:29 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 04:55, 12 अक्टू॰ तक
कृष्ण नवमी 03:23, 13 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 09:11, 12 अक्टू॰ तक
योग
परिघअशुभ 08:12 तक
शिव 06:19, 12 अक्टू॰ तक
करण
बालव 17:26 तक
कौलव 04:55, 12 अक्टू॰ तक
तैतिल 16:14, 12 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 03:19, 12 अक्टू॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
17:56
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
12:08
दिनमान
12h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:21 – 05:09
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:21 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:57 – 13:27
यमगंड
07:27 – 08:57
गुलिक काल
10:27 – 11:57

11 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:57 – 07:27शुभ
अमृत07:27 – 08:57शुभ
काल08:57 – 10:27टालें
शुभ10:27 – 11:57शुभ
रोग11:57 – 13:27टालें
उद्वेग13:27 – 14:57टालें
चर14:57 – 16:27सामान्य
लाभ16:27 – 17:56शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:56 – 19:27टालें
शुभ19:27 – 20:57शुभ
अमृत20:57 – 22:27शुभ
चर22:27 – 23:57सामान्य
रोग23:57 – 01:27टालें
काल01:27 – 02:57टालें
लाभ02:57 – 04:27शुभ
उद्वेग04:27 – 05:57टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:5706:57दिन
चंद्र06:5707:57दिन
शनि07:5708:57दिन
गुरु08:5709:57दिन
मंगल09:5710:57दिन
सूर्य10:5711:57दिन
शुक्र11:5712:57दिन
बुध12:5713:57दिन
चंद्र13:5714:57दिन
शनि14:5715:57दिन
गुरु15:5716:57दिन
मंगल16:5717:56दिन
सूर्य17:5618:57रात
शुक्र18:5719:57रात
बुध19:5720:57रात
चंद्र20:5721:57रात
शनि21:5722:57रात
गुरु22:5723:57रात
मंगल23:5700:57रात
सूर्य00:5701:57रात
शुक्र01:5702:57रात
बुध02:5703:57रात
चंद्र03:5704:57रात
शनि04:5705:57रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
11 अक्टू॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 अक्टू॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 अक्टू॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
17 अक्टू॰ 2028तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
18 अक्टू॰ 2028कार्तिक अमावस्याअमावस्या
21 अक्टू॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 अक्टू॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
31 अक्टू॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
2 नव॰ 2028कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
6 नव॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां कोलंबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2590° (लाहिड़ी)। समय कोलंबो (Asia/Colombo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।