22 दिसंबर 2024 को दोहा का पंचांग

रविवार, 22 दिसंबर 2024, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

रविवार, 22 दिसंबर 2024 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (12:02 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (06:39, 23 दिस॰ तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:15 पर और सूर्यास्त 16:49 पर है। राहुकाल 15:30 से 16:49 तक है।

दिन और रात
दिन 06:15 – 16:49
रात 06:16 तक
तिथि
सप्तमी, 12:02 तक
अष्टमी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 दिसंबर 2024 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 12:02 तक
कृष्ण अष्टमी 14:38, 23 दिस॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 06:39, 23 दिस॰ तक
योग
आयुष्मान 16:29 तक
सौभाग्य 17:24, 23 दिस॰ तक
करण
बव 12:02 तक
बालव 01:18, 23 दिस॰ तक
कौलव 14:38, 23 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 10:25 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:15
सूर्यास्त
16:49
चंद्रोदय
23:29
चंद्रास्त
11:14
दिनमान
10h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:28 – 05:21
अभिजीत मुहूर्त
11:11 – 11:53

अशुभ समय

राहुकाल
15:30 – 16:49
यमगंड
11:32 – 12:51
गुलिक काल
14:11 – 15:30

22 दिसंबर 2024 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:15 – 07:34टालें
चर07:34 – 08:54सामान्य
लाभ08:54 – 10:13शुभ
अमृत10:13 – 11:32शुभ
काल11:32 – 12:51टालें
शुभ12:51 – 14:11शुभ
रोग14:11 – 15:30टालें
उद्वेग15:30 – 16:49टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ16:49 – 18:30शुभ
अमृत18:30 – 20:11शुभ
चर20:11 – 21:52सामान्य
रोग21:52 – 23:32टालें
काल23:32 – 01:13टालें
लाभ01:13 – 02:54शुभ
उद्वेग02:54 – 04:35टालें
शुभ04:35 – 06:16शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:1507:08दिन
शुक्र07:0808:01दिन
बुध08:0108:54दिन
चंद्र08:5409:46दिन
शनि09:4610:39दिन
गुरु10:3911:32दिन
मंगल11:3212:25दिन
सूर्य12:2513:18दिन
शुक्र13:1814:11दिन
बुध14:1115:03दिन
चंद्र15:0315:56दिन
शनि15:5616:49दिन
गुरु16:4917:56रात
मंगल17:5619:03रात
सूर्य19:0320:11रात
शुक्र20:1121:18रात
बुध21:1822:25रात
चंद्र22:2523:32रात
शनि23:3200:40रात
गुरु00:4001:47रात
मंगल01:4702:54रात
सूर्य02:5404:01रात
शुक्र04:0105:08रात
बुध05:0806:16रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
23 दिस॰ 2024कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
26 दिस॰ 2024कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
28 दिस॰ 2024प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
30 दिस॰ 2024पौष अमावस्याअमावस्या
3 जन॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
10 जन॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
11 जन॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
13 जन॰ 2025पौष पूर्णिमापूर्णिमा
14 जन॰ 2025मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
17 जन॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2059° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।