19 अगस्त 2025 को दोहा का पंचांग

मंगलवार, 19 अगस्त 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

मंगलवार, 19 अगस्त 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (13:03 तक), नक्षत्र आर्द्रा (22:37 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:09 पर और सूर्यास्त 18:05 पर है। राहुकाल 14:51 से 16:28 तक है।

दिन और रात
दिन 05:09 – 18:05
रात 05:09 तक
तिथि
एकादशी, 13:03 तक
द्वादशी
नक्षत्र
आर्द्रा, 22:37 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 अगस्त 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 13:03 तक
कृष्ण द्वादशी 11:29, 20 अग॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 21:57, 20 अग॰ तक
योग
वज्रअशुभ 17:59 तक
सिद्धि 15:43, 20 अग॰ तक
करण
बालव 13:03 तक
कौलव 00:13, 20 अग॰ तक
तैतिल 11:29, 20 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:09
सूर्यास्त
18:05
चंद्रोदय
00:52
चंद्रास्त
15:24
दिनमान
12h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:40 – 04:25
अभिजीत मुहूर्त
11:11 – 12:03

अशुभ समय

राहुकाल
14:51 – 16:28
यमगंड
08:23 – 10:00
गुलिक काल
11:37 – 13:14

19 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:09 – 06:46टालें
उद्वेग06:46 – 08:23टालें
चर08:23 – 10:00सामान्य
लाभ10:00 – 11:37शुभ
अमृत11:37 – 13:14शुभ
काल13:14 – 14:51टालें
शुभ14:51 – 16:28शुभ
रोग16:28 – 18:05टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:05 – 19:28टालें
लाभ19:28 – 20:51शुभ
उद्वेग20:51 – 22:14टालें
शुभ22:14 – 23:37शुभ
अमृत23:37 – 01:00शुभ
चर01:00 – 02:23सामान्य
रोग02:23 – 03:46टालें
काल03:46 – 05:09टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:0906:13दिन
सूर्य06:1307:18दिन
शुक्र07:1808:23दिन
बुध08:2309:27दिन
चंद्र09:2710:32दिन
शनि10:3211:37दिन
गुरु11:3712:41दिन
मंगल12:4113:46दिन
सूर्य13:4614:51दिन
शुक्र14:5115:56दिन
बुध15:5617:00दिन
चंद्र17:0018:05दिन
शनि18:0519:00रात
गुरु19:0019:56रात
मंगल19:5620:51रात
सूर्य20:5121:46रात
शुक्र21:4622:42रात
बुध22:4223:37रात
चंद्र23:3700:32रात
शनि00:3201:28रात
गुरु01:2802:23रात
मंगल02:2303:18रात
सूर्य03:1804:14रात
शुक्र04:1405:09रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
19 अग॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
21 अग॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
23 अग॰ 2025भाद्रपद अमावस्याअमावस्या
27 अग॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
3 सित॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
5 सित॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
7 सित॰ 2025भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
11 सित॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 सित॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
16 सित॰ 2025कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
17 सित॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2151° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।