3 मार्च 2026 को दोहा का पंचांग

मंगलवार, 3 मार्च 2026, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

मंगलवार, 3 मार्च 2026 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (14:37 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (05:09, 4 मार्च तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 05:55 पर और सूर्यास्त 17:36 पर है। राहुकाल 14:41 से 16:09 तक है।

दिन और रात
दिन 05:55 – 17:36
रात 05:54 तक
तिथि
पूर्णिमा, 14:37 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 05:09 तक
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 मार्च 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
पूर्णिमा 14:37 तक
कृष्ण प्रतिपदा 14:19, 4 मार्च तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी 05:09, 4 मार्च तक
उत्तरा फाल्गुनी 05:47, 5 मार्च तक
योग
सुकर्मा 07:54 तक
धृति 06:22, 4 मार्च तक
करण
बव 14:37 तक
बालव 02:24, 4 मार्च तक
कौलव 14:19, 4 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:55
सूर्यास्त
17:36
चंद्रोदय
17:40
चंद्रास्त
05:44
दिनमान
11h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:16 – 05:05
अभिजीत मुहूर्त
11:22 – 12:09

अशुभ समय

राहुकाल
14:41 – 16:09
यमगंड
08:50 – 10:18
गुलिक काल
11:45 – 13:13

3 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:55 – 07:22टालें
उद्वेग07:22 – 08:50टालें
चर08:50 – 10:18सामान्य
लाभ10:18 – 11:45शुभ
अमृत11:45 – 13:13शुभ
काल13:13 – 14:41टालें
शुभ14:41 – 16:09शुभ
रोग16:09 – 17:36टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:36 – 19:08टालें
लाभ19:08 – 20:41शुभ
उद्वेग20:41 – 22:13टालें
शुभ22:13 – 23:45शुभ
अमृत23:45 – 01:17शुभ
चर01:17 – 02:49सामान्य
रोग02:49 – 04:22टालें
काल04:22 – 05:54टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:5506:53दिन
सूर्य06:5307:52दिन
शुक्र07:5208:50दिन
बुध08:5009:49दिन
चंद्र09:4910:47दिन
शनि10:4711:45दिन
गुरु11:4512:44दिन
मंगल12:4413:42दिन
सूर्य13:4214:41दिन
शुक्र14:4115:39दिन
बुध15:3916:38दिन
चंद्र16:3817:36दिन
शनि17:3618:38रात
गुरु18:3819:39रात
मंगल19:3920:41रात
सूर्य20:4121:42रात
शुक्र21:4222:44रात
बुध22:4423:45रात
चंद्र23:4500:46रात
शनि00:4601:48रात
गुरु01:4802:49रात
मंगल02:4903:51रात
सूर्य03:5104:52रात
शुक्र04:5205:54रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
3 मार्च 2026फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
7 मार्च 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
11 मार्च 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 मार्च 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 मार्च 2026मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
17 मार्च 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
18 मार्च 2026चैत्र अमावस्याअमावस्या
22 मार्च 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 मार्च 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 मार्च 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 अप्रैल 2026चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2226° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।